महासमुंद। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत के साथ ही प्रशासन अब पूरी तरह सख्त मोड में आ गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह के निर्देश पर आज जिले में धान खरीदी से जुड़े 03 कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम (ESMA) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू ने बताया कि जिन कर्मचारियों पर FIR दर्ज की गई है। जिसमें घनश्याम चौधरी, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति भूकेल, राजेश प्रधान, सहायक समिति प्रबंधक, तोरेसिंहा, पंकज साव, बिछिया, इन कर्मचारियों पर धान उपार्जन केंद्रों में अनुपस्थित रहने और दी गई जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप है। जिले में धान खरीदी प्रारंभ होने के दिन ही बड़ी लापरवाही सामने आई। जिले के 182 उपार्जन केंद्रों में से केवल 48 प्रभारी प्रबंधक उपस्थित हुए
56 कंप्यूटर ऑपरेटर ही ड्यूटी पर पहुंचे
जबकि 134 प्रभारी प्रबंधक और 126 डाटा एंट्री ऑपरेटर अनुपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर लंगेह ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी करते हुए तुरंत ड्यूटी में उपस्थित होने का आदेश दिया था और स्पष्ट किया था कि अनुपालन न करने पर वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
धान खरीदी अवधि में ESMA लागू
ज्ञात हो कि राज्य शासन द्वारा 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक खरीफ विपणन वर्ष की संपूर्ण अवधि में धान खरीदी कार्य को अत्यावश्यक सेवा घोषित किया गया है। इस दौरान किसी भी कर्मचारी द्वारा कार्य से इंकार करना, अनुपस्थित रहना या जिम्मेदारियों से बचना एस्मा का सीधा उल्लंघन है, जो दंडनीय अपराध है।
कलेक्टर का निर्देश – अधिनियम का सख्ती से पालन करें
कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले के सभी अधिकारी–कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) को भी ESMA अधिनियम के कठोर अनुपालन के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि आदेश का पालन न करने वालों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।


