महासमुंद। बीरकोनी औद्योगिक क्षेत्र स्थित 9M इंडिया लिमिटेड फार्मास्युटिकल प्लांट में काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई है। मजदूरों का आरोप है कि कम्पनी में कोई सुरक्षा का इंतजाम नहीं है, सैलरी बहुत कम है और काम 10 से 12 घंटे। कंपनी लगातार आर्थिक और शारीरिक शोषण कर रही है। महासमुंद SP ऑफिस के बाहर सैकड़ों महिला-पुरुष मजदूर इकट्ठा हुए थे। हाथों में लिखित शिकायत, आँखों में आक्रोश और आवाज़ में दर्द।
इन मजदूरों का कहना है कि 9M कंपनी में करीब 500 से ज्यादा मजदूर काम करते हैं, लेकिन कंपनी उन्हें महज 225 से 275 रुपये प्रतिदिन देती है, जबकि ठेकेदार को प्रति मजदूर 450 से 500 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जा रहा है। यानी हर मजदूर का 200 से 250 रुपये रोज़ कोई लूट रहा है।
मजदूरों ने बताया, श्रम कानून के तहत 8 घंटे काम है, लेकिन हमें 10 से 12 घंटे तक काम कराया जाता है। ओवरटाइम का एक पैसा नहीं मिलता।” सबसे गंभीर आरोप ये कि जब भी श्रम विभाग या कोई जांच अधिकारी प्लांट में पहुंचता है, कंपनी 500 में से 400-450 मजदूरों को छिपा देती है। गोदाम, कैंटीन या बाहर भेज दिया जाता है। अफसर को सिर्फ 50-60 कर्मचारी दिखाए जाते हैं।
मजदूरों का कहना है हम लोग पढ़े-लिखे बेरोजगार थे, नौकरी की आस में आए, लेकिन यहाँ हमें गुलाम बना दिया गया है।” ठेकेदार से मजदूरों ने वेतन और ओवरटाइम की राशि तत्काल दिलाई जाने की मांग की है।
प्लांट में निष्पक्ष जांच कराई जाए, हालांकि जिले के आला अधिकारी अभी तक चुप्पी साधे हुए हैं। सवाल ये है कि क्या श्रम विभाग और जिला प्रशासन को इस शोषण की भनक तक नहीं लगी? या फिर सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं?


