बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्टेट जीएसटी विभाग ने बड़े कोयला कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीमों ने तीन प्रमुख कोल व्यापारियों – महावीर कोल वॉशरी, फिल कोल बेनिफिकेशन और पारस कोल एंड बेनिफिकेशन के 11 से अधिक ठिकानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई 12 दिसंबर से शुरू हुई और दूसरे दिन यानी 13 दिसंबर को भी जारी रही।
सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी कोयला कारोबार में वित्तीय लेन-देन, स्टॉक और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद की गई। जांच में कोल मिक्सिंग और अन्य प्रक्रियाओं में टैक्स हेराफेरी के संकेत मिले हैं। कारोबारी टैक्स बचाने के लिए फर्जी इनवॉइसिंग और गलत मात्रा दिखाने जैसे तरीके अपनाते पाए गए। जीएसटी टीमों ने दफ्तरों, कोल वॉशरी प्लांट्स, निवास स्थानों और अन्य ठिकानों से डिजिटल व फिजिकल रिकॉर्ड्स जब्त किए हैं।
इस मामले में सबसे बड़ी खबर यह है कि जांच के दौरान महावीर कोल वॉशरी ने करोड़ों रुपये सरेंडर किए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसे 10 करोड़ बताया गया है, जबकि अन्य में तीनों कारोबारियों से कुल 27 करोड़ तक की राशि सरेंडर होने की बात कही जा रही है। बाकी दो कंपनियों – फिल कोल (प्रवीण झा से जुड़ी) और पारस कोल (प्रशांत जैन से जुड़ी) की जांच अभी जारी है। कार्रवाई बिलासपुर के अलावा रायगढ़, बलौदा बाजार समेत अन्य जिलों में भी एक साथ चल रही है।
इस छापेमारी की वजह से मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि महावीर कोल वॉशरी का संबंध जानी-मानी टीवी अभिनेत्री अंकिता लोखंडे और उनके पति विक्की जैन के परिवार से है। विक्की जैन के पिता विनोद कुमार जैन इस कंपनी से जुड़े हैं। विक्की जैन खुद बिलासपुर के प्रमुख कोयला कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते हैं और महावीर इंस्पायर ग्रुप से जुड़े हैं। हालांकि, जीएसटी अधिकारियों ने इस संबंध पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
स्टेट जीएसटी के सचिव मुकेश बंसल के निर्देश पर रायपुर से आई टीमों ने यह कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी के सबूत मिले हैं और आगे की जांच के बाद बड़ा खुलासा हो सकता है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में कोयला कारोबार से जुड़ी अनियमितताओं पर विभाग की सतर्कता को दर्शाती है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।


