Saturday, 7 Mar 2026

प्रधानमंत्री आवास योजना का घर विधवा बहन का आशियाना दबंगों ने तोड़ा – SC परिवार को गालियां देकर किया अपमान, पुलिस की मौजूदगी में हुई तोड़फोड़!

प्रधानमंत्री आवास योजना का घर विधवा बहन का आशियाना दबंगों ने तोड़ा – SC परिवार को गालियां देकर किया अपमान, पुलिस की मौजूदगी में हुई तोड़फोड़!

कबीरधाम। गांव रक्से (थाना सहसपुर लोहारा) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति (मेहर समाज) से ताल्लुक रखने वाली विधवा महिला निर्मला खरे और उसके भाई रामकुमार खरे का प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के तहत बना घर गांव के दबंगों द्वारा पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी से तोड़ डाला गया।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि

👉 उनका आवास विधिवत ग्राम पंचायत की अनुमति से बनाया गया था, यहां तक कि ग्राम पंचायत से सहमति प्रमाण पत्र लेकर ही मकान का निर्माण किया गया था।

👉 लेकिन गांव के कुछ प्रभावशाली लोग – नेतराम साहू, अन्नू साहू, पुना साहू, बलराम साहू, कमलेश साहू, लीलाराम साहू, मनोज साहू और रामभज साहू ने मिलकर दबाव बनाते हुए घर को तोड़ने की कार्रवाई की।

👉 इस दौरान दबंगों ने जातिसूचक गालियां दीं और कहा – “चमार सालों को यहीं दबा दो”।

👉 पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने परिवार को खींचकर जबरन बाहर निकाला और उसके बाद जेसीबी चलाकर घर को जमींदोज कर दिया।

👉 घटना का वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुआ है, लेकिन पुलिस ने वह वीडियो अपने कब्जे में ले लिया है।

⚡ पीड़ित परिवार ने कलेक्टर और एसपी से गुहार लगाई है कि इस मामले में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्यवाही की जाए और न्याय व मुआवजा दिलाया जाए।

यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुका है – सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कैसे प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे गरीब हितैषी योजना का लाभ पाने वाले दलित परिवार का आशियाना दबंगों के इशारे पर पुलिस की मौजूदगी में तोड़ा जा सकता है?

👉 पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाते हुए सीधे अनुसूचित जाति जनजाति थाना ककैयां और जिला प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग कर रहा है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना का वीडियो उन्होंने रिकॉर्ड किया था, मगर पुलिस ने दबंगों का साथ देते हुए न केवल जेसीबी चलाकर घर गिरवाया बल्कि परिवार का पूरा मोबाइल फोन छीनकर अपने कब्जे में ले लिया। यह कार्रवाई न केवल गैरकानूनी है बल्कि भारतीय दंड संहिता की धारा 201 (सबूत मिटाना), 409 (आपराधिक विश्वासघात), 166 (कानून का उल्लंघन) और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।

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