सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र साय पैंकरा सहित कई लोगों पर स्थानीय पत्रकार की हत्या की सुपारी देने का गंभीर आरोप लगा है। प्रतापपुर थाने में दर्ज FIR में तहसीलदार के अलावा भूमाफिया संजय गुप्ता, उनके पुत्र हरिओम गुप्ता, तथाकथित पत्रकार फिरोज अंसारी, उसके साले असलम, प्रेमचंद ठाकुर, अविनाश ठाकुर और संदीप कुशवाहा को नामजद आरोपी बनाया गया है।
आरोप है कि पत्रकार प्रशांत पाण्डेय ने तहसीलदार और भूमाफिया के गठजोड़ से हो रहे अवैध जमीन नामांतरण और भ्रष्टाचार की खबरें प्रकाशित की थीं, जिसके बाद उन पर हत्या की साजिश रची गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डेढ़ लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी गई और तीन बार प्रयास भी किए गए, लेकिन सभी विफल रहे।
भ्रष्टाचार की खबरें बनीं जान की दुश्मन
पत्रकार प्रशांत पाण्डेय द्वारा संचालित ‘हिंद स्वराष्ट्र’ और ‘सिंधु स्वाभिमान’ में तहसीलदार सुरेंद्र साय पैंकरा पर गंभीर आरोपों वाली खबरें प्रकाशित हुई थीं। इनमें बिना कलेक्टर अनुमति, पटवारी प्रतिवेदन और नियमों की अनदेखी कर फर्जी जमीन रजिस्ट्री कराने के दस्तावेजी सबूत शामिल थे। खबरों के बाद SDM सूरजपुर शिवानी जायसवाल ने तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन चार महीने बीतने के बावजूद जांच रिपोर्ट लंबित है।
इसके अलावा सिरसी ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना घोटाले और देवानंद कुशवाहा की 2 एकड़ जमीन का बैकडेट में नामांतरण (कथित तौर पर 5 लाख रुपये रिश्वत लेकर) जैसे मामले भी उजागर हुए। आरोपियों ने पत्रकार को धमकियां दीं और कहा गया कि “तहसीलदार से दूर रहो, वरना अंजाम बुरा होगा।”
तीन बार नाकाम रहे हत्या के प्रयास, पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने तीन बार पत्रकार की हत्या की कोशिश की :
पहला प्रयास: पत्रकार को सिरसी बुलाकर ट्रक से कुचलने की योजना बनी, लेकिन परिवार को साथ देखकर टाल दी गई।
दूसरा प्रयास: शूटर असलम को बुलाया गया, लेकिन पत्रकार उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए चले गए।
तीसरा प्रयास : 20 सितंबर की रात बनारस मार्ग पर कार से कुचलने की कोशिश हुई, लेकिन भीड़ के कारण विफल रही।
ग्राम सभा में फूटा घोटाले का भांडा
हरिपुर ग्राम सभा में आरोपियों के बीच विवाद हुआ, जहां संजय गुप्ता ने सुपारी देने और हत्या की साजिश की बात कबूल कर माफी मांगी। वहीं हरिओम गुप्ता ने माफी से इनकार कर “पंचायत के बाहर फैसला” करने की धमकी दी। इस घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और FIR दर्ज हुई। पुलिस ने बताया कि जांच तेज कर दी गई है और जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले में प्रशासनिक लापरवाही और संभावित संरक्षण के सवाल भी उठ रहे हैं।



