महासमुंद। जिला मेडिकल कॉलेज महासमुंद में चिकित्सा इतिहास का एक दुर्लभ और गर्व का क्षण सामने आया है। यहां एक महिला ने एक साथ चार स्वस्थ बच्चियों को जन्म दिया है। महासमुंद के शासकीय चिकित्सालय में यह अब तक का पहला मामला बताया जा रहा है, जिसमें 34 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में चार बच्चों वाली गर्भावस्था को सफलतापूर्वक मैनेज किया गया।
चिकित्सकों के अनुसार चार बच्चों वाली प्रेग्नेंसी अत्यंत दुर्लभ होती है, जो सामान्यतः 5 से 7 लाख गर्भधारण में किसी एक में देखने को मिलती है। खास बात यह रही कि संबंधित महिला पहली बार गर्भवती थी और वह मेडिकल कॉलेज की बुक की हुई मरीज थी।डॉक्टरों ने बताया कि महिला को 33वें हफ्ते में अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था और लगातार कड़ी निगरानी में रखा गया। गुरुवार को गर्भ में पानी का रिसाव (लीकेज) शुरू होने के बाद चिकित्सकीय सलाह पर सिजेरियन सेक्शन किया गया, जिसके बाद महिला ने चार बच्चियों को जन्म दिया।
डॉक्टर नेहा ठाकुर ने जानकारी दी कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। हालांकि सभी चारों नवजात शिशु प्री-मैच्योर हैं, क्योंकि उनका जन्म आठ माह में हुआ है। इसी कारण उन्हें विशेष देखभाल के लिए नर्सरी में भर्ती किया गया है और चिकित्सकों की सतत निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों का कहना है कि समय से पहले जन्म लेने के बावजूद चारों बच्चियों की स्थिति स्थिर है और उन्हें आवश्यक मेडिकल केयर दी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, चार बच्चियों को जन्म देने वाली महिला उड़ीसा प्रांत की निवासी है। जिला मेडिकल कॉलेज की इस उपलब्धि को चिकित्सा टीम की सतर्कता, समय पर निर्णय और बेहतर प्रबंधन का परिणाम माना जा रहा है। यह मामला न केवल महासमुंद बल्कि पूरे अंचल के लिए चिकित्सकीय सफलता का उदाहरण बन गया है।


