महासमुंद। सरायपाली ब्लॉक अंतर्गत केदुवा आंगनबाड़ी सेक्टर की कार्यकर्ताओं ने अपने मानदेय कटौती को लेकर जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत की है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सुपरवाइजर श्रीमती वर्षा अग्रवाल ने जुलाई, अगस्त एवं सितंबर माह का लगभग 3 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बिना उचित कारण के काट दिया है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि मानदेय काटने का कारण हितग्राहियों का केवाईसी (FRS) समय पर पूरा न होना बताया गया, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या, हितग्राहियों का केंद्र पर उपस्थित न होना, मोबाइल और ओटीपी संबंधित परेशानियों के कारण समय पर केवाईसी संभव नहीं हो पाता।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि जिला मुख्यालय से पूर्व में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जिन हितग्राहियों का केवाईसी पूरा नहीं हो पाया है, उन्हें भी योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके बावजूद सुपरवाइजर ने मनमाने ढंग से मानदेय काटा और अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर अपमानजनक व्यवहार किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सुपरवाइजर द्वारा बार-बार कहा जाता है कि “अन्य विभाग आपको मानदेय नहीं देते, फिर भी आप उनका काम करते हैं।” इस प्रकार के कथन उनके मनोबल को तोड़ते हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि—
1. काटा गया मानदेय तत्काल बहाल किया जाए।
2. सुपरवाइजर की पक्षपातपूर्ण एवं मनमानी कार्यवाही की जांच कर उचित कार्रवाई हो।
3. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो वे जिला एवं ब्लॉक मुख्यालय में घेराव करने पर मजबूर होंगी। इस संबंध में कलेक्टर को शिकायत की प्रति जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं परियोजना अधिकारी सरायपाली को भी सौंपी गई है।ज्ञापन सौंपने वालों में छत्तीसगढ़ सक्षम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुधा रात्रे, जिला अध्यक्ष सुलेखा शर्मा, छाया हिरवानी हाजरा खान धनमती बघेल रंभा जगत रूपाभारती विमला सोनी पूर्णिमा ठाकुर सुल्ताना खान अंजू चंद्राकर रागनी चंद्राकर सुशीला हरपाल उपस्थित रहे।


