छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव पर महासमुंद में सतत प्रयास
महासमुंद, 13 सितम्बर। छत्तीसगढ़ शासन के रजत महोत्सव अंतर्गत जिला आयुष विभाग महासमुंद द्वारा जनहित में स्वास्थ्य संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विविध कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। जिला आयुष अधिकारी डॉ. ज्योति गजभिये के मार्गदर्शन में आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य नागरिकों को मानसिक स्वास्थ्य, योग एवं विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों के महत्व से अवगत कराना है।
10 सितम्बर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर शासकीय आयुष पॉली क्लिनिक में विशेष जागरूकता कार्यक्रम हुआ। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. सर्वेश दूबे ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, आत्महत्या की रोकथाम में संवाद और मनोवैज्ञानिक सहयोग की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने रोगियों को औषधीय पौधे गुडूची (गिलोय) के गुण और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में इसके उपयोग की जानकारी भी दी।
योग चिकित्सक डॉ. बबीता भगत द्वारा प्रतिदिन योगाभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें कुंजल क्रिया, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी जैसे आसनों और प्राणायामों के लाभ तथा उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला जा रहा है। स्थानीय नागरिकों को योग को दैनिक जीवन में अपनाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही, होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी डॉ. माधवी कुशवाहा ने होम्योपैथी की सरलता, प्रभावशीलता और रोगों के मूल कारणों पर कार्य करने की क्षमता की जानकारी दी। वहीं यूनानी चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पा साहू ने यूनानी पद्धति के सिद्धांत, हिज़ामा थेरेपी, तदबीर और औषधियों की जानकारी साझा की। आयुष विभाग का कहना है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को समग्र स्वास्थ्य की ओर प्रेरित करना और रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक बनाना ही मुख्य उद्देश्य है।


