महासमुंद। जिले के तुमगांव थाना क्षेत्र में एक बार फिर देह व्यापार का काला कारोबार सर उठाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सजग ग्रामीणों ने इसे नेस्तनाबूद करने का बीड़ा उठा लिया है। बीती रात करीब साढ़े बारह बजे ग्रामीण महिलाओं ने दो अज्ञात महिलाओं को संदिग्ध हालत में घेराबंदी कर पकड़ लिया और उन्हें तुमगांव पुलिस के हवाले कर दिया। महिलाओं के साथ मौजूद दो पुरुष अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
गौरतलब है कि तुमगांव क्षेत्र लंबे समय से देह व्यापार के अड्डे के रूप में बदनाम हो चुका है। पीटा एक्ट (PITA Act) लागू होने के बावजूद कुछ महिला दलाल बेखौफ होकर दुर्ग, भिलाई, रायपुर, अंबिकापुर और अन्य प्रांतों से आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को लाकर इस गंदे धंधे में धकेल रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ये दलाल गरीबी का फायदा उठाकर महिलाओं को शिकार बनाते हैं और रात के अंधेरे में जंगल और सुनसान इलाकों में ‘जंगल में मंगल’ का खेल चलाते हैं।
कुछ महीने पहले ही एक जनप्रतिनिधि को इसी धंधे में लिप्त एक महिला को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उस घटना के बाद से तुमगांव नगर पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने कसम खाई है कि अब किसी भी कीमत पर अपने क्षेत्र को जिस्मफरोशी का अड्डा नहीं बनने देंगे।
ग्रामीणों का पुलिस पर भी गंभीर आरोप है। उनका कहना है कि थाना क्षेत्र में पीटा एक्ट लागू होने के बावजूद पुलिस केवल धारा 151 के तहत मामूली चालान कर मामले को रफा-दफा कर देती है, जबकि इस गंभीर अपराध पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने दलालों और इस अवैध कारोबार पर लगाम नहीं कसी तो वे स्वयं आगे आएंगे।
पुलिस ने दोनों पकड़ी गई महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन फरार पुरुषों की तलाश अभी जारी है। तुमगांव के ग्रामीण अब चौकन्ने हैं। उनका संकल्प स्पष्ट है – “जंगल में मंगल नहीं, अब सिर्फ इंसाफ होगा!”


