4 नवंबर से घर-घर जाकर बीएलओ करेंगे मतदाता सूची का सत्यापन
महासमुंद, 29 अक्टूबर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की गई है। इसी क्रम में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष महासमुंद में राजनीतिक दलों एवं मीडिया प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह ने की। बैठक में भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि, उप जिला निर्वाचन अधिकारी सचिन भूतड़ा, जिला जनसम्पर्क अधिकारी पोषण कुमार साहू सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री लंगेह ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने का अवसर प्रदान करना तथा सूची को शुद्ध, सटीक और अद्यतन बनाना है।
उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम के तहत, 3 नवम्बर तक प्रशिक्षण कार्य होगा। 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 तक बी.एल.ओ. घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे। 9 दिसम्बर 2025 को मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 8 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्ति दर्ज की जा सकेगी। 31 जनवरी 2026 तक सुनवाई एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होगी। 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
कलेक्टर ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने बूथ स्तरीय एजेंटों के माध्यम से बी.एल.ओ. को सहयोग करें, ताकि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नामों को हटाया जा सके। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से कहा कि वे इस जन-जागरूकता अभियान में सहयोगी की भूमिका निभाएं और आम नागरिकों को इस कार्यक्रम की जानकारी देकर शत-प्रतिशत मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करने में मदद करें।
कलेक्टर श्री लंगेह ने बताया कि बी.एल.ओ. नए मतदाताओं से फॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र एकत्र करेंगे, आधार लिंकिंग में सहायता करेंगे, और ई-फॉर्म भरने में मदद करेंगे। वे प्रत्येक मतदाता के घर का कम से कम तीन बार दौरा करेंगे। शहरी एवं अस्थायी प्रवासी मतदाता चाहें तो ई.एफ. ऑनलाइन भी भर सकते हैं। इसके अलावा बी.एल.ओ. मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान भी करेंगे। निर्वाचन अधिकारी (ई.आर.ओ./ए.ई.आर.ओ.) यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई अपात्र नाम शामिल न हो।


