महासमुंद। जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने ग्राम पंचायत खरोरा द्वारा किए जा रहे अवैध दुकानों का निर्माण अब बड़े विवाद का रूप ले चुका है। लगातार शिकायतों और आपत्तियों के बाद भी जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे बैठे हैं। सवाल यह है कि आखिर जनपद पंचायत और राजस्व विभाग की नाक के नीचे यह निर्माण कार्य कैसे जारी है?
ग्राम पंचायत खरोरा द्वारा जिला अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने 13 से 14 नई दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। आरोप है कि यह निर्माण पूरी तरह नियम विरुद्ध और बिना अनुमति के हो रहा है।
आरटीआई से बड़ा खुलासा हुआ है कि पंचायत ने पहले 5 दुकानें बनाकर नीलामी की थी और अब बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के नई दुकानों का निर्माण शुरू कर दिया है। न तो राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग और न ही जिला अस्पताल प्रबंधन से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लिया गया।
जनपद पंचायत और राजस्व विभाग पर सवाल, लगातार शिकायतों के बावजूद जनपद पंचायत और राजस्व विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मामला कलेक्टर और एसडीएम के पास पहुंच चुका है, लेकिन सिर्फ जांच आदेश जारी करने तक ही सीमित रह गया है। मेडिकल कॉलेज महासमुंद प्रबंधन ने भी लिखित रूप से प्रशासन को पत्र भेजकर निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
अस्पताल के सामने अवैध दुकानों का निर्माण, RTI से खुलासा, NOC नहीं लिया गया, जनपद पंचायत और राजस्व विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन समय रहते इस अवैध निर्माण पर रोक लगाएगा या फिर शिकायतें फाइलों में ही दबा दी जाएंगी?


