रायपुर। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पटल पर बड़ी उपलब्धि मिली है। रायपुर स्थित रेफ्राकास्ट मेटलर्जिकल्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक डॉ. अभिषेक पांडे को आगामी रूस–भारत बिजनेस फोरम-2025 में भाग लेने के लिए आधिकारिक आमंत्रण प्राप्त हुआ है। विशेष बात यह है कि 18 करोड़ की आबादी वाले पूरे छत्तीसगढ़ राज्य से उन्हें एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में चुना गया है।
यह उच्च-स्तरीय फोरम 4 और 5 दिसंबर को नई दिल्ली में आयोजित होगा। कार्यक्रम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उपस्थित रहेंगे तथा प्लेनरी सत्र को संबोधित करेंगे। फोरम का आयोजन रूस की प्रतिष्ठित संस्था रोस्कॉन्ग्रेस फाउंडेशन कर रही है।
फोरम में भारत-रूस व्यापार संतुलन, भुगतान तंत्र, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन, ऊर्जा, कच्चा माल, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा निवेश के नए अवसरों पर गहन चर्चा होगी। दोनों देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योगपति, निवेशक और नीति-निर्माता भाग लेंगे।
डॉ. अभिषेक पांडे ने हाल ही में अक्टूबर 2025 में रूस के कालिनिनग्राद में आयोजित त्रि-राष्ट्र व्यापार संवाद में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। इसके पूर्व वे मॉस्को में ब्रिक्स आर्थिक फोरम में भी रेफ्राकास्ट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि डॉ. पांडे की निरंतर अंतरराष्ट्रीय सक्रियता से छत्तीसगढ़ की धातुकर्म एवं पुनर्चक्रण तकनीक को वैश्विक पहचान मिल रही है।
रेफ्राकास्ट मेटलर्जिकल्स पिछले तीन दशकों से उन्नत धातुकर्म प्रक्रिया, स्पेंट कैटेलिस्ट रीसाइक्लिंग, शून्य-कचरा प्रौद्योगिकी और सतत औद्योगिक समाधानों में अग्रणी रही है। कंपनी का कहना है कि यह आमंत्रण भारत-रूस के बीच तकनीकी सहयोग, संयुक्त निवेश और निर्यात के नए द्वार खोलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. पांडे को ट्वीट कर बधाई दी है। उन्होंने लिखा, “छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकाने के लिए डॉ. अभिषेक पांडे को हार्दिक शुभकामनाएं। यह हमारे राज्य के औद्योगिक नवाचार और उद्यमशीलता का गौरवशाली क्षण है।”
प्रगति मंच के अध्यक्ष अमर अग्रवाल ने कहा, “एक ही राज्य से एकमात्र प्रतिनिधि का चयन यह सिद्ध करता है कि छत्तीसगढ़ अब सिर्फ कच्चे माल का आपूर्तिकर्ता नहीं, बल्कि वैश्विक मूल्य-संवर्धन और तकनीकी नवाचार का केंद्र बन रहा है।”
रेफ्राकास्ट की इस उपलब्धि ने प्रदेश के उद्योग जगत में उत्साह का संचार किया है। सभी की निगाहें अब 4-5 दिसंबर को दिल्ली में होने वाले उस ऐतिहासिक सत्र पर टिकी हैं, जहां छत्तीसगढ़ की धरती का एक बेटा दो महाशक्तियों के सर्वोच्च नेताओं के सामने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगा।


