महासमुंद। पिथौरा तहसील के ग्राम पंचायत जंघोंरा में मूसलाधार बारिश ने एक गरीब परिवार की ज़िंदगी को पूरी तरह हिला दिया है। ग्राम जंघोंरा निवासी बालाराम चौहान पिता जनीराम चौहान का कच्चा मकान लगातार हो रही बारिश की मार से जर्जर होकर बीती रात अचानक ढह गया। हादसे में मकान का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। गनीमत रही कि परिवारजन अंदर मौजूद नहीं थे, वरना बड़ा अनहोनी हो सकती थी।

गरीब बालाराम चौहान की आर्थिक हालत पहले से ही बेहद नाज़ुक है। बरसात के इस भीगे मौसम में अब उसके पास पत्नी साधनी, 16 वर्षीय बेटी खिलेश्वर और 20 वर्षीय बेटा रेखराम के साथ रहने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। मजबूरी में परिवार टूटे-फूटे मकान के हिस्से में ही रहने को विवश है, जो कभी भी पूरी तरह गिर सकता है और हादसे का सबब बन सकता है।
बालाराम को अब तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। वजह यह रही कि कुछ सालों तक वह रोज़ी-रोटी के लिए गांव से बाहर रहा। करीब तीन साल पहले वह अपने गांव वापस लौटा और मेहनत-मज़दूरी कर परिवार का गुज़ारा कर रहा है। लेकिन इस साल की लगातार बारिश ने उसके घर को पूरी तरह कमज़ोर कर दिया और बीती रात के पानी के दबाव से मकान का हिस्सा भरभरा कर ढह गया।
बालाराम चौहान ने अब जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवी संगठनों से मदद की गुहार लगाई है। गांव के लोगों ने भी प्रशासन से अपील की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत सामग्री, अस्थायी आश्रय और शीघ्र आवास योजना का लाभ मुहैया कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो गरीब परिवार को बरसात के बीच जीवन का सबसे बड़ा संकट झेलना पड़ेगा। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन कब तक इस बेबस परिवार की पुकार सुनता है।



