आरंग। 31 अगस्त 2025 का दिन छत्तीसगढ़ रविदास समाज के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। पहली बार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय नेतृत्व का सान्निध्य प्राप्त हुआ। इस दिन श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा के कोषाध्यक्ष सूरज कैरो, तथा राष्ट्रीय महामंत्री एवं उद्योगपति नामदेव कदम का आरंग की पावन धरा पर आगमन हुआ।
प्रदेश अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा के आमंत्रण पर आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में दोनों राष्ट्रीय नेताओं ने समाज को संगठन, सेवा और संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की वाणी के मार्ग पर चलने का प्रेरक संदेश दिया।
सूरज कैरो ने समाज को संबोधित करते हुए कहा—
“आप उन संत के वंशज हैं जिन्हें संत शिरोमणि की उपाधि मिली। उन्होंने ही सबसे पहले समता और समानता का संदेश दिया।”
उन्होंने गुरुजी की वाणी उद्धृत करते हुए कहा—
“ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न,
छोट-बड़े सब सम बसे, रविदास रहे प्रसन्न।”
साथ ही उन्होंने समाज को गुरु रविदास जी की धर्मरक्षा, त्याग और तप की परंपरा पर चलने का आह्वान किया।
नामदेव कदम ने समाज की वैश्विक पहचान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि “रविदास समाज कोई छोटा समाज नहीं है। इंग्लैंड जैसे देशों में भी 12 भव्य गुरु रविदास मंदिर हैं। भारत के प्रधानमंत्री भी प्रतिवर्ष काशी जाकर गुरुजी की आराधना कर आशीर्वाद लेते हैं।”
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने खल्लारी स्थित 13वीं शताब्दी में भक्त देवपाल मोची द्वारा निर्मित नारायण मंदिर का उल्लेख कर समरसता का संदेश दिया।
बैठक में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में रविदास समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिसमें महिलाओं की बड़ी भागीदारी विशेष आकर्षण रही। समाज के लगभग 16 लाख अनुयायियों को अब एक सूत्र में संगठित कर श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ के साथ जोड़े जाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि ठाकुर राम जी (सरसंघ संचालक) सहित अनेक प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी और समाजसेवी उपस्थित रहे। प्रमुख नामों में विजय मेहरा, खेमराज बाकरे, बुधेश्वर कुमार सोनवानी, नंदू राडेकर, खेलावन मेहरा, रमेश सोनवानी, लोखनाथ बारी, वेणुधर रौतिया, सुश्री हेमलता मिरी सहित प्रदेशभर से आए अनेक गणमान्यजन शामिल रहे।


