महासमुंद। जिला मुख्यालय से लगे पटेवा थाना क्षेत्र के नरतोरा शासकीय विद्यालय में एक शिक्षिका के साथ अभद्र व्यवहार और जातिसूचक गाली-गलौच का मामला सामने आया है। पीड़िता शिक्षिका श्रीमती पंचकुमारी योगी ने पुलिस अधीक्षक कार्यकाल में आवेदन देकर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य द्वारिका प्रसाद चंद्राकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
श्रीमती पंचकुमारी योगी, जो नरतोरा के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं, ने पुलिस को बताया कि 30 अगस्त 2025 को नरतोरा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित स्टाफ मीटिंग के दौरान प्रभारी प्राचार्य ने सभी शिक्षकों के सामने उन्हें जातिगत आधार पर अपमानित किया और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए ‘बेवकूफ औरत’ कहकर गाली-गलौच किया।
शिक्षिका का कहना है कि प्राचार्य की मानसिकता पूर्व से ही जातिगत भेदभावपूर्ण रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राचार्य द्वारा पहले भी कई बार उन्हें प्रताड़ित किया गया। नरतोरा और पचरी गांव के 4–5 बच्चों को भी जातिगत भेदभाव कर स्कूल से निकाल दिया गया, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया। गांव वालों ने इस मामले में बैठक कर प्राचार्य को समझाईश भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद प्राचार्य की आदतें नहीं बदलीं।
श्रीमती पंचकुमारी ने पुलिस अधीक्षक से तत्काल प्राचार्य द्वारिका प्रसाद चंद्राकर के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इस प्रकरण ने न केवल विद्यालय के वातावरण को प्रभावित किया है बल्कि समाज में भी आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। अब देखना होगा कि पुलिस और जिला प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं।


