Saturday, 7 Mar 2026

माघ पूर्णिमा पर सिरपुर में धमाल, इंडियन आइडल स्टार्स, कत्थक-ओडिसी और छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की बारिश

महासमुंद छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर एक बार फिर सांस्कृतिक रंगों से सराबोर होने जा रहा है। यहां 1 से 3 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव आयोजित होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं के साथ देश भर की शास्त्रीय, सूफी, भक्ति और आधुनिक संगीत विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर देंगी। यह महोत्सव माघ पूर्णिमा के अवसर पर महानदी तट पर भव्य रूप से मनाया जाएगा, जहां बॉलीवुड, छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार और युवा सितारे अपनी कला से समा बांधेंगे।

प्रथम दिवस (1 फरवरी )  महोत्सव की शुरुआत दोपहर 12 बजे से होगी। फुलझरिया कर्मा पार्टी, बिलासपुर द्वारा कर्मा नृत्य से माहौल बनेगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच राजनांदगांव की झलकियां, उद्घाटन समारोह और फिर कत्थक, लोक नृत्य, ध्रुपद, सितार वादन, तथागत नाटक, ओडिसी, भरथरी जैसी प्रस्तुतियां होंगी। शाम को सुनील तिवारी लोक कला मंच, रायपुर का रंग-झांझर कार्यक्रम और रात्रि 7 से 10 बजे तक प्रसिद्ध लोक-भक्ति गायक **बाबा हंसराज रघुवंशी एवं उनकी बैंड टीम, दिल्ली की भक्ति भरी प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रहेगी।

द्वितीय दिवस (2 फरवरी ) शाम 4 बजे से क्लासिकल वोकल, इंस्ट्रूमेंटल, तबला, सुगम संगीत, सूफी स्पिरिचुअल म्यूजिक और कबीर संगीत संध्या। इसके बाद थेरीगाथा नाट्य, भरतनाट्यम और पुष्पा साहू, भिलाई की नवा किस्मत लोक कला मंच। रात्रि 7 से 10 बजे तक इंडियन आइडल फेम नितिन कुमार,नचिकेत लेले और वैशाली रायकवार की शानदार गायन प्रस्तुति दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगी।

तृतीय दिवस (3 फरवरी )  दोपहर से विभिन्न नृत्य प्रस्तुतियां जैसे कत्थक, ओडिसी, पंथी नृत्य, बस्तरिहा नाच, डंडा नृत्य, सोला सिंगार और अम्रपाली नृत्य नाटक। शाम को समापन समारोह के बाद सावित्री कहार लोक कला मंच की लोक साधना। रात्रि 7 से 10 बजे तक प्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर एवं बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर मीत ब्रदर्स, मुंबई की विशेष प्रस्तुति के साथ महोत्सव का भव्य समापन होगा।

यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देगा। प्रशासन ने साफ-सफाई, स्वास्थ्य शिविर, पार्किंग, पेयजल और सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की है। सिरपुर के प्राचीन मंदिरों और पुरातात्विक स्थलों के बीच यह उत्सव इतिहास, कला और भक्ति का अनोखा संगम साबित होगा। सभी संगीत-प्रेमी और संस्कृति रसिकों के लिए यह तीन दिन अविस्मरणीय अनुभव लेकर आएंगे! 🌟

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