महासमुंद। स्वामी विवेकानंद की जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर महासमुंद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं एवं पूर्व सदस्यों द्वारा श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया और उनके विचारों व आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके विचार न केवल मार्गदर्शक हैं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश—“उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको”—आज भी युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने की शक्ति देता है।
स्वामी विवेकानंद एक महान समाज सुधारक, आध्यात्मिक चिंतक, दार्शनिक एवं ओजस्वी वक्ता थे। वे धर्म, दर्शन, वेद साहित्य, पुराण एवं उपनिषदों के प्रकांड विद्वान थे। वे श्रीरामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे और सनातन धर्म के पुनरुद्धार में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है। उनका मानना था कि युवा राष्ट्र की रीढ़ हैं, जो सामाजिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक परिवर्तन लाने में सक्षम हैं।
उन्होंने भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। औपनिवेशिक भारत में उन्होंने युवाओं में राष्ट्रभक्ति और आत्मगौरव की भावना जागृत की। हिंदुत्व को लेकर उनकी व्याख्या ने विश्वभर में भारतीय दर्शन के प्रति आकर्षण बढ़ाया। उनकी ओजस्वी वाणी और प्रखर विचारों ने सुप्त समाज को जागृत किया। यही कारण है कि उनके जन्मदिन को देशभर में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
शिकागो धर्म सम्मेलन में भारत का गौरव बढ़ाया
पश्चिमी देशों को वेदांत और भारतीय दर्शन से परिचित कराने के लिए स्वामी विवेकानंद ने वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में भाग लिया। वहां दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया और भारत की आध्यात्मिक महानता का परचम लहराया। उनका वह वक्तव्य आज भी इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज है।
कार्यक्रम में लवेश साहू, साहू नरेश नायक, ओमप्रकाश साहू, कुलेश्वर साहू, नीरज भाई, तन्मय पटेल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने और समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।


