महासमुंद। जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस विभाग का ही एक आरक्षक गांजा तस्करी के आरोप में घिर गया है। सांकरा थाना पुलिस ने अपने ही विभाग के आरक्षक प्यूष शर्मा और एक अन्य तस्कर धर्मेंद्र सोनी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20 (बी) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में धर्मेंद्र सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि आरोपी आरक्षक फरार बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार आरक्षक प्यूष शर्मा की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने 2 मार्च को ही उसे निलंबित कर दिया था। हालांकि कहा भी जाता है कि “चोर चोरी से जाए, पर सीना जोरी से नहीं।” निलंबन के ठीक अगले ही दिन पुलिस जांच में प्यूष शर्मा की गांजा तस्करी में संलिप्तता सामने आ गई। इसके बाद पुलिस ने बिना देर किए मामले में NDPS एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार 3 मार्च को सांकरा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक गांजा तस्कर को पकड़ा था। पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई तो जो जानकारी सामने आई उसने पुलिस महकमे को भी हैरान कर दिया। जांच में खुलासा हुआ कि गांजा की आपूर्ति में पुलिस विभाग का ही आरक्षक प्यूष शर्मा और उड़ीसा के अखराभांटा निवासी धर्मेंद्र सोनी शामिल हैं।
पुलिस ने मामले में धर्मेंद्र सोनी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आरक्षक प्यूष शर्मा अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
जिले में एक ओर पुलिस अधीक्षक अपराध और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग के ही कुछ लोग इस मुहिम की साख पर बट्टा लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। जब कानून के रखवाले ही अपराध के दलदल में उतरते दिखें तो सवाल उठना स्वाभाविक है। फिलहाल सांकरा थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरक्षक की तलाश जारी है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई जारी थी।



