महासमुंद। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय महासमुंद ने शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के तहत एक सख्त कार्रवाई की है। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सरायपाली की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिक शाला लिमउगुड़ा, विकासखण्ड सरायपाली में पदस्थ प्रधानपाठक प्रकाश सतपथी को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित कर दिया गया है।
क्या है मामला?
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सरायपाली से 7 अगस्त 2025 को प्राप्त पत्र क्रमांक 741/जांच प्रतिवेदन/2025 के मुताबिक, श्री सतपथी पर विद्यालय में विद्यार्थियों, पालकों और ग्रामवासियों के साथ असम्मानजनक व्यवहार करने, विद्यालय प्रबंधन समिति के अनुरूप कार्य न करने और गंभीर कार्यवृत्ति दोषों का आरोप सिद्ध हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि उनका आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों के विपरीत है।
श्री सतपथी के खिलाफ आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत सेवा से तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया गया।
आदेश जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद विजय कुमार लहरे के हस्ताक्षर से 13 अगस्त 2025 को जारी हुआ। यह कार्रवाई शिक्षा विभाग की ओर से अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का उदाहरण है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विद्यार्थियों और समाज के साथ अनुचित व्यवहार, नियमों का उल्लंघन और जिम्मेदारियों से चूक करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस आदेश की प्रतियां लोक शिक्षा संचालनालय, संयुक्त संचालक रायपुर, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सरायपाली, संबंधित विद्यालय तथा अन्य कार्यालयों को भेजी गई हैं, ताकि आवश्यक कार्रवाई और सूचना प्रसारित की जा सके।


