बागबाहरा। जनपद पंचायत बागबाहरा में महिला और बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की अधोसंरचना, बच्चों की सुरक्षा और पोषण एवं शिक्षा सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। बैठक में जनपद पंचायत अध्यक्ष केशव नायक राम चंद्राकर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम एल मंडावी, सभापति मधुलिका चंद्राकर, 381 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 13 सेक्टर पर्यवेक्षक उपस्थित थे।
जनपद अध्यक्ष केशव चंद्राकर ने प्रत्येक सेक्टर के आंगनबाड़ी केंद्रों की भवन स्थिति, शौचालय, पेयजल, शिक्षण सामग्री और पोषण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जर्जर भवनों में तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। जनपद अध्यक्ष और सीईओ मंडावी ने अभियंता, सेक्टर पर्यवेक्षक, ग्राम सरपंच और सचिव के साथ संयुक्त निरीक्षण का निर्देश दिया। प्रत्येक जर्जर या मरम्मत योग्य केंद्र का मैदानी निरीक्षण कर विस्तृत स्टीमेट सात दिन के भीतर जनपद कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जिन केंद्रों की स्थिति बच्चों के लिए खतरा पैदा करती है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुधार किया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण स्थल नहीं हैं, बल्कि प्रारंभिक शिक्षा और बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव हैं। केंद्रों में साफ-सफाई, खेल सामग्री, शिक्षण कक्ष और पोषण पुनर्वास की गुणवत्ता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में प्रमुख रूप से सरपंच गण, मनरेगा प्रभारी, अतिरिक्त सीईओ, महिला और बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में उठाए गए निर्णय आने वाले दिनों में आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं को सुरक्षित, बेहतर और प्रभावी बनाने में सहायक होंगे।


