Saturday, 7 Mar 2026

डंडे की जगह गुलाब, चालान की जगह समझाइश

गरियाबंद। ट्रैफिक पुलिस का नाम सुनते ही आमतौर पर चालान और सख्ती की तस्वीर उभरती है, लेकिन गरियाबंद पुलिस ने एक अनोखी और सराहनीय पहल से यह साबित कर दिया कि कानून का पालन सख्ती से नहीं, बल्कि संवाद और संवेदना से भी कराया जा सकता है। 29वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों को रोककर डंडे या चालान की जगह गुलाब का फूल थमाया और हेलमेट पहनने की विनम्र अपील की।

शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर यातायात पुलिस ने बाइक सवारों से मुस्कुराते हुए कहा, “पुलिस के डर से नहीं, अपनी जान और अपनों की खुशियों के लिए हेलमेट पहनिए।” इस अनोखे अंदाज ने देखते ही देखते माहौल को मुस्कान और विश्वास से भर दिया। लोगों ने पुलिस की इस पहल की खूब तारीफ की।

सड़क सुरक्षा अभियान के दूसरे दिन डीएसपी लितेश सिंह के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने रायपुर रोड और पुराने एसपी कार्यालय के सामने विशेष अभियान चलाया। हेलमेट पहनकर वाहन चलाने वालों को गुलाब भेंट कर ‘थैंक यू’ कहा गया, जबकि बिना हेलमेट के पकड़े गए युवाओं को मौके पर ही हेलमेट पहनाया गया। कुछ जरूरतमंद चालकों को मुफ्त हेलमेट भी वितरित किए गए।

डीएसपी लितेश सिंह ने कहा, “हमारा मकसद चालान काटना नहीं, बल्कि जीवन बचाना है। हेलमेट एक छोटा सा सुरक्षा कवच है, जो सड़क हादसों में अनमोल जान बचा सकता है। पुलिस के डर से नहीं, अपनों की खातिर हेलमेट पहनें।

पुलिस टीम ने युवाओं से यातायात नियमों का पालन करने और अपने दोस्तों को भी प्रेरित करने की अपील की। साथ ही अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को बिना हेलमेट बाइक चलाने की इजाजत न दें। अधिकारियों ने कहा, “यातायात नियमों का पालन आपकी सुरक्षा के साथ-साथ परिवार की खुशियां भी बचाता है। शराब पीकर वाहन न चलाएं, ओवरस्पीडिंग से बचें और हमेशा सतर्क रहें।”

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना हेलमेट व सीट बेल्ट वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए एसपी वेदव्रत सिरमौर के निर्देश पर यह जागरूकता अभियान चलाया गया। यातायात प्रभारी रामा धार मरकाम सहित पूरी टीम ने नियमों की जानकारी देकर लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया।

गरियाबंद पुलिस की यह पहल साबित करती है कि पुलिस सिर्फ कानून की रखवाली नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी की फिक्र भी करती है। एक गुलाब के फूल ने पुलिस और जनता के बीच डर की दीवार तोड़ दी और भरोसे का रिश्ता जोड़ दिया।

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