बागबाहरा। देश की प्रथम महिला शिक्षिका एवं सामाजिक क्रांतिकारी सावित्रीबाई फुले की जयंती अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर छत्तीसगढ़ प्रदेश पिछड़ा वर्ग कांग्रेस द्वारा बागबाहरा स्थित पार्टी कार्यालय में उत्साहपूर्वक मनाई गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दाऊ केशव नायक राम चंद्राकर ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ सावित्रीबाई फुले के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया, जिसके बाद विचार गोष्ठी आयोजित हुई।
मुख्य वक्ता केशव नायक राम चंद्राकर ने अपने उद्बोधन में सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष और महिला शिक्षा में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उस युग में जब महिलाओं व दलितों को शिक्षा का अधिकार नहीं था, सावित्रीबाई ने छुआछूत, लैंगिक भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष कर शिक्षा की ज्योत जगाई। आज की सशक्त महिलाओं की नींव में उनका त्याग और साहस समाहित है। कांग्रेस पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय और समानता की पक्षधर रही है तथा सावित्रीबाई के विचार आज भी पार्टी की विचारधारा को प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग के निर्देशों की जानकारी साझा की गई। देशभर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जय हिंद के समन्वय में जिला स्तर पर ऐसे आयोजन हो रहे हैं।
उपस्थित वक्ताओं ने सावित्रीबाई को भारत की पहली दलित महिला शिक्षिका बताते हुए उनके विधवा पुनर्विवाह, महिला अधिकार और सामाजिक समानता के संघर्ष को याद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना और शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा। अंत में सभी ने सामाजिक न्याय के लिए संकल्प लिया।
इस अवसर पर विष्णु महानंद, गणेश शर्मा, गिरीश पटेल, राजेश सोनी, सेत लाल, रामलाल सिन्हा, रिंकू चेतन चंद्राकर, दुर्गेश यादव, देव लाल निषाद, जनक पटेल, राजेश यादव, अरुण विश्वकर्मा, भेख राम पटेल, कमलेश यादव, पुनीत कुमार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


