संवाददाता बालाराम कोलते
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के मुख्य कार्यालय स्थित सभागार कक्ष में शुक्रवार को आत्मनिर्भर भारत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय, निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा तथा जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही। संगोष्ठी में आत्मनिर्भरता, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य वक्ता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने अपने संबोधन में स्वदेशी को जनहितैषी और देशहितैषी बताते हुए कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक को स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक व्यवसायों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्वाभाविक रूप से प्रशिक्षण मिलता है, जिससे रोजगार और आत्मनिर्भरता स्वतः सुदृढ़ होती है। उन्होंने कोविड काल में देश में वैक्सीन निर्माण का उदाहरण देते हुए बताया कि आज भारत दुर्लभ सामग्रियों के निर्माण में भी सक्षम हो चुका है। घर में निर्मित उत्पादों की लागत बाहर से आने वाली वस्तुओं की तुलना में कम होती है, जिससे आर्थिक लाभ भी होता है।
निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने स्वागत भाषण में आत्मनिर्भरता को गांव, शहर, प्रदेश और देश सभी के लिए अनिवार्य बताते हुए वर्ष 1998 के परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका, जापान सहित अन्य देशों के दबावों का उल्लेख किया और कहा कि आत्मनिर्भर भारत ही सशक्त भारत की नींव है।
नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा, जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम सिन्हा तथा पूर्व महापौर चंद्रकांता मांडले ने एकमत से “स्वदेशी एवं लोकल फॉर वोकल” को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और देश का पैसा देश में ही रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में स्वीटी कौशिक ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी में विधायक प्रतिनिधि शैलेन्द्र सिंह, पार्षद नोहर वर्मा, प्रदीप सेन, अनिता साहू, स्वीटी कौशिक, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे, नटवर ताम्रकार, पूनम शुक्ला, रश्मि सहित निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने अपने दैनिक जीवन में अधिकतम भारतीय उत्पादों के उपयोग, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने, युवाओं व बच्चों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करने, भारतीय भाषाओं के प्रयोग, पर्यावरण अनुकूल उत्पादों के उपयोग तथा देश के पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देने की शपथ ली।


