किसानों की बढ़ी परेशानी—तकनीकी खामियों के चलते नहीं हो पा रहा पंजीयन
महासमुंद। पूर्व पार्षद एवं समाजसेवी पंकज साहू ने राज्य सरकार से मांग की है कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए एग्री स्टैक पोर्टल पंजीयन की अंतिम तिथि को तत्काल आगे बढ़ाया जाए, साथ ही धान बिक्री के लिए इस पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
श्री साहू ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार किसानों को अपनी उपज बेचने में इतनी बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आज तहसील कार्यालय में किसानों की भारी भीड़ देखकर उन्होंने तहसीलदार से चर्चा की। इस दौरान तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि तहसील स्तर का कार्य पूरा किया जा चुका है और अब जो त्रुटियाँ सामने आ रही हैं, वह सर्वर व पोर्टल की तकनीकी समस्या है, जिसे एनआईसी रायपुर ही ठीक कर सकता है।
पंकज साहू ने आरोप लगाए कि सरकार किसानों को धान बेचने से वंचित करने जैसी स्थिति बना रही है। न तो शासन गंभीर है और न ही चुने हुए जनप्रतिनिधियों को किसानों की चिंता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा और सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी को किसानों की समस्याएँ दिखाई ही नहीं दे रहीं। किसान लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि समाधान के लिए शासन-प्रशासन को साधारण पत्राचार तक करना आवश्यक नहीं समझ रहे।
उन्होंने बताया कि एग्री स्टैक पोर्टल में पंजीयन को अनिवार्य कर दिया गया है, मगर पोर्टल में गंभीर तकनीकी खामियाँ हैं। शामिलात खातों वाले किसानों का अलग-अलग नाम से पंजीयन नहीं हो रहा। जिन किसानों ने हाल के वर्षों में भूमि खरीदी-बिक्री की है, उनका पंजीयन भी अटक रहा है। कई मामलों में खसरा नंबर दर्ज करने पर पिता का नाम गलत दिख रहा है।
इन कारणों से किसान धान खरीदी केंद्र से लेकर पटवारी और तहसील कार्यालय तक चक्कर लगाते थक चुके हैं। केवल दो ही दिन शेष हैं और यदि किसान समय पर पंजीयन नहीं करा पाए, तो इस वर्ष वे अपनी धान उपज बेचने से वंचित हो जाएंगे।
आज महासमुंद तहसील कार्यालय में सैकड़ों किसान पंजीयन कराने पहुंचे थे, लेकिन सर्वर व तकनीकी गड़बड़ियों के कारण अधिकांश का पंजीयन नहीं हो सका। किसानों में भारी चिंता है कि बिना पंजीयन धान कैसे बिकेगा। पंकज साहू ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कहा कि किसान हित में एग्री स्टैक पंजीयन की अनिवार्यता तुरंत समाप्त की जाए, ताकि किसी भी किसान की उपज बेचने में रुकावट न आए।


