लाल मैदान में डंप हो रहा अपशिष्ट—पार्षद कचरे में ही बैठ गए धरने पर
भिलाई। नगर पालिका निगम भिलाई की 50 करोड़ रुपये की सफाई व्यवस्था का सच उस समय सामने आ गया, जब फरीदनगर के लाल मैदान में मास-मटन के अपशिष्ट कचरे को डंप किए जाने के विरोध में स्थानीय पार्षद महेश वर्मा खुद कचरे के ढेर पर ही धरने पर बैठ गए। उनके साथ बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी भी मौजूद थे, जिन्होंने निगम की लापरवाही पर कड़ा विरोध जताया।
मैदान को कचरा डंपिंग ज़ोन बनाने पर भड़के लोग
रहवासियों ने आरोप लगाया कि जिस मैदान में बच्चे खेलते थे, खेलकूद प्रतियोगिताएं होती थीं और जहाँ कभी शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रम तक आयोजित होते थे, वहां अब अपशिष्ट कचरा डालकर महामारियों को बुलावा दिया जा रहा है। लोगों का कहना था कि तेज़ बदबू के कारण आसपास रहना मुश्किल हो गया है, और कई बार शिकायत करने के बावजूद निगम अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की।
निगम के अधिकारी पहुंचे, शुरू हुआ कचरा हटाना—विवाद भी हुआ धरने की सूचना मिलते ही नगरपालिका निगम ज़ोन-1 के अधिकारी मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में कचरा हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक व बहस की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। लोगों ने साफ कहा—“ये मैदान कचरा फेंकने की जगह नहीं है, यह हमारी पहचान है।”
लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
पार्षद महेश वर्मा और सांसद प्रतिनिधि ने निगम से लिखित में आश्वासन लिया कि मैदान में अब किसी भी प्रकार का कचरा डंप नहीं किया जाएगा। सफाई व्यवस्था को नियमित किया जाएगा। मैदान को पुनः खेलने योग्य बनाने की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाएगी। इसके बाद ही धरना समाप्त किया गया।
50 करोड़ का सफाई बजट—लेकिन हालात बदहाल!
शहर सरकार और भिलाई नगर पालिका निगम हर साल स्वच्छ भिलाई–सुंदर भिलाई का नारा देते नहीं थकती। सफाई पर 50 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा किया जाता है, हर वर्ष बजट बढ़ाया जाता है…लेकिन जमीन पर सच इसका उल्टा दिख रहा है।कचरा मैदानों में फेंका जा रहा है, संवेदनशील क्षेत्रों में सफाई ठप, कचरा वाहनों की अनियमितता, शिकायतों पर कार्रवाई नहीं, इन हालातों ने निगम के सारे दावों की क्लीन बोल्ड कर दी है।
स्थानीयों का सवाल—पचास करोड़ गए कहाँ? लोग अब प्रशासन से सीधा सवाल कर रहे हैं—“जब मैदानों में कचरा डंप हो रहा है, सफाई की गारंटी नहीं, तो आखिर 50 करोड़ रुपये खर्च कहां हो रहा है?”


