बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस विभाग उस वक्त कटघरे में आ गया, जब सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी सिटी) राजेंद्र जायसवाल पर गंभीर आरोप लगा दिए। वीडियो में स्पा सेंटर संचालक यह दावा करता नजर आ रहा है कि अधिकारी हर महीने 30 हजार रुपये की वसूली करते थे। शहर में करीब 10 स्पा सेंटर होने की बात कहते हुए वह कुल 3 लाख रुपये मासिक उगाही का खुलासा करता है। वायरल क्लिप में स्पा संचालक अमन सेन (एक्वा स्पा से जुड़ा बताया जा रहा है) और 36 मॉल के मैनेजर आशीष सिंह चंदेल पुलिस अधिकारी के दफ्तर में मौजूद दिखते हैं। वीडियो में कथित तौर पर अधिकारी की आवाज सुनाई देती है। साथ ही फटकार, दबाव और धमकी भरे शब्द भी सामने आए हैं। वीडियो के साथ व्हाट्सऐप कॉल्स और स्क्रीनशॉट्स भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
महानिरीक्षक (IG) संजीव शुक्ला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), बिलासपुर को पत्र जारी कर तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में राजेंद्र जायसवाल पर स्पा संचालकों से धनराशि मांगने के आरोप हैं। जांच के लिए वीडियो की दृश्य-श्रव्य सामग्री पेन ड्राइव में संलग्न कर भेजी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी हस्तक्षेप करते हुए अधिकारी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। जांच 7 दिनों के भीतर पूरी करने के आदेश हैं। राजेंद्र जायसवाल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह उनकी छवि धूमिल करने की साजिश है और सच्चाई जांच में सामने आएगी।
पुलिस की छवि पर सवाल
यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के स्पा सेंटरों से जुड़ा बताया जा रहा है। संचालकों का आरोप है कि लगातार दबाव और धमकियों से परेशान होकर उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत की। वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो न केवल संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है, बल्कि यह प्रकरण छत्तीसगढ़ पुलिस की छवि पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।


