बालोद। जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीजापुर जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके पर एक महिला आरक्षक ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण, जबरन गर्भपात और आर्थिक ठगी का गंभीर आरोप लगाया है।पीड़िता ने डौंडी थाना में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का कहना है कि करीब आठ साल तक उनका रिश्ता चला, इस दौरान आरोपी अफसर ने लाखों रुपये लिए और बार-बार शादी का वादा किया, लेकिन बाद में मुकर गया।
पीड़ित का कहना है कि 2017 में पहली बार गर्भवती हुई, लेकिन जबरन गर्भपात करवाया गया। तीन बार गर्भपात की घटना दोहराई गई, आखिरी बार 15 मई 2025 को। हर महीने आरोपी को ₹5,000 तक आर्थिक मदद देती रही महिला।नौकरी लगने के बाद भी दिलीप उइके ने शादी से इंकार किया। 2 जून 2025 को साफ कहा कि वह शादी नहीं करेगा और संबंध तोड़ दिए।
पुलिस की कार्रवाई:महिला आरक्षक की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उच्चाधिकारियों की भी नजर बनी हुई है।
प्रशासनिक हलकों में हलचल: डिप्टी कलेक्टर जैसे उच्च पदस्थ अधिकारी पर लगे इन आरोपों ने न केवल पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है, बल्कि सवाल भी खड़े कर दिए हैं कि ऐसी परिस्थितियों में सरकारी अफसरों की जवाबदेही कैसे तय होगी। यह मामला अब पुलिस जांच और कोर्ट की प्रक्रिया से होकर गुजरेगा। फिलहाल, पीड़िता इंसाफ की गुहार लगा रही है और प्रशासनिक गलियारों में इस खबर से हलचल मची हुई है।


