निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत, स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप
महासमुंद। शहर के ब्लेलॉक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 10वीं के छात्र भावेश यादव की आत्महत्या से पूरे जिले में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय के प्राचार्य द्वारा अपमानित किए जाने से आहत होकर भावेश ने चूहे मारने की दवा खा ली, जिसके बाद इलाज के दौरान 7 फरवरी की रात्रि में उसकी मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 6 फरवरी की है। भावेश यादव, पिता उमेश यादव, रोज की तरह स्कूल गया था। स्कूल परिसर में दो अन्य छात्रों के साथ उसकी लड़ाई हो गई, जिसके बाद मामला विद्यालय प्रबंधन तक पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि प्राचार्य ने पूरे मामले में भावेश को ही दोषी ठहराते हुए कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की और दो थप्पड़ मारे।
इस घटना से भावेश मानसिक रूप से काफी आहत हो गया था। स्कूल से छुट्टी के बाद वह चुपचाप घर लौटा और उसी दिन शाम करीब 7 बजे घर की छत पर जाकर चूहे मारने की दवा खा ली। रात्रि में उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। हालांकि 24 घंटे से अधिक समय तक चले उपचार के बावजूद हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और 7 फरवरी की रात्रि में भावेश यादव ने दमतोड़ दिया।
भावेश की मौत के बाद परिजनों और रिश्तेदारों में स्कूल प्रबंधन को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से स्कूल प्रबंधन का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति न तो अस्पताल पहुंचा और न ही परिवार से संपर्क किया, जिससे विद्यालय प्रशासन की संवेदनहीनता उजागर होती है। आज रविवार को भावेश यादव का जिला मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजन सुबह करीब 2 बजे उसके पैतृक ग्राम खट्टी कोकड़ी, बागबाहरा ब्लॉक लेकर रवाना हुए, जहां उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि भावेश एक साधारण परिवार से था। उसके पिता साइकिल दुकान में काम करते हैं, जबकि उसकी मां लोगों के घरों में काम करके परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं। होनहार छात्र की इस दर्दनाक मौत ने शिक्षा व्यवस्था में बच्चों के साथ होने वाले व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बहरहाल, मामला सिटी कोतवाली पुलिस के संज्ञान में है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समाचार लिखे जाने तक स्कूल के प्राचार्य से संपर्क करने की कोशिश की गई पर बहरहाल संपर्क नहीं हो सका है।
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