
महासमुंद। जिला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए जिले से जुड़ी दो गंभीर घटनाओं—एक बड़ी चोरी और एक डकैती—का पर्दाफाश कर दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 93 लाख 33 हजार 104 रुपए कीमती सोना-चांदी, वाहन एवं अन्य सामग्री जब्त की है। इस उल्लेखनीय सफलता पर रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा (IPS) ने पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार (IPS) और पूरी जिला पुलिस टीम की खुले तौर पर प्रशंसा की है।
आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा कि महासमुंद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मजबूत मुखबिर तंत्र के माध्यम से जिस कुशलता से संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इसे टीमवर्क और नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
इस उल्लेखनीय सफलता पर रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा (IPS) ने न केवल पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार (IPS) एवं पूरी जिला पुलिस टीम की प्रशंसा की, बल्कि इस सराहनीय कार्य के लिए महासमुंद जिला पुलिस को इनाम देने की घोषणा भी की है। आईजी श्री मिश्रा ने कहा कि महासमुंद पुलिस ने जिस तत्परता, सूझबूझ और समन्वय के साथ संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, वह काबिले-तारीफ है। उन्होंने पुलिस बल को आने वाले समय में भी इसी तरह निर्भीक, प्रभावी और पेशेवर कार्रवाई करते रहने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि ऐसी सफलताओं से आम जनता का पुलिस पर विश्वास और अधिक मजबूत होता है।

यह मामला थाना सांकरा के अपराध क्रमांक 186/2025 से जुड़ा है, जिसमें ग्राम बल्दीडीह निवासी योगेश अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 4-5 दिसंबर 2025 की रात उनके घर से सोना-चांदी के आभूषण और 4-5 लाख रुपए नकद चोरी हो गए। विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर शुभम साहू को अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।
जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड कान्हा उर्फ हेमंत अग्रवाल था, जिसने लालच में अपने ही रिश्तेदारों को निशाना बनाया। उसने ग्राम बल्दीडीह में अपने सगे चाचा के घर चोरी और ग्राम चरौदा (थाना छुरा, जिला गरियाबंद) में अपनी सगी बहन के ससुराल में डकैती की साजिश रची। आरोपियों ने पहले रैकी की और फिर योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने अलग-अलग छह टीमें गठित कर सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर एक-एक कर आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी और डकैती के आभूषणों को पिथौरा और अन्य स्थानों पर खपाया गया। इस पर ज्वेलर्स के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
आरोपियों के कब्जे से 471.24 ग्राम सोना (कीमत 68.81 लाख), 1 किलो 429.53 ग्राम चांदी (कीमत 4.03 लाख), टाटा नेक्सॉन कार, मारुति स्विफ्ट, यामाहा मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन जब्त किए गए। कुल जप्त संपत्ति की कीमत 93.33 लाख रुपए आंकी गई है।
इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि जिले में चोरी, डकैती और संगठित अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के लिए महासमुंद अब सुरक्षित ठिकाना नहीं रहेगा। पुलिस की इस कार्रवाई से आम जनता में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत हुआ है।


