Friday, 16 Oct 2026

खैर लकड़ी तस्करी का अंतरराज्यीय सिंडिकेट बेनकाब, 70 टन लकड़ी और 1.70 करोड़ नकद जब्त

एसपी प्रभात कुमार ने प्रेसवार्ता में किया खुलासा, फर्जी एनओसी और बिलिंग के जरिए अवैध कारोबार का आरोप; हिमाचल से एक आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद। खैर लकड़ी की अवैध तस्करी, फर्जी एनओसी और बिलिंग के जरिए कथित तौर पर करोड़ों का कारोबार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में दबिश देकर अब तक 70 टन अवैध खैर लकड़ी और एक करोड़ 70 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने प्रेसवार्ता लेकर मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, वन विभाग की एनओसी में कूटरचना कर 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन का मामला सामने आने के बाद 9 जुलाई 2026 को पिथौरा थाने में अपराध दर्ज किया गया था। जांच के दौरान हरियाणा के गुरुग्राम स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग के गोदाम से करीब 15 टन खैर लकड़ी जब्त की गई। इससे पहले आरोपी मनीष अग्रवाल के ठिकाने से 81 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए थे।

पुलिस की जांच में कथित तौर पर फर्जी बिल, कूटरचित वन विभाग के ट्रांजिट पास और एचएसएन कोड के दुरुपयोग की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों के बैंक लेन-देन की जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध भुगतान के संकेत मिले हैं। मामले में अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की जांच भी की जा रही है।

पुलिस ने 12 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से शिव ट्रेडर्स के संचालक सतपाल सिंह (67) को गिरफ्तार किया। ट्रांजिट रिमांड पर उसे महासमुंद लाया गया है। इस मामले में मनीष अग्रवाल, पारितोष मिश्रा और अखिलेश सिंघल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका और कथित अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।महासमुंद पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की विवेचना और वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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