Tuesday, 3 Nov 2026

ISIS मॉड्यूल की जांच करने वाली IPS राजश्री मिश्रा को दूसरी बार राष्ट्रीय सम्मान

रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी एवं आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की पुलिस अधीक्षक राजश्री मिश्रा को वर्ष 2026 के केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक (KGDP) के लिए चुना गया है। रायपुर में ISIS की विचारधारा से प्रभावित संदिग्ध ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों का खुलासा करने और खुफिया जांच में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है।

राजश्री मिश्रा की निगरानी में एटीएस टीम ने करीब छह महीने तक तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर जांच की थी। इस दौरान रायपुर के दो नाबालिगों की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों और ISIS से प्रेरित प्रचार सामग्री के कथित प्रसार से जुड़ाव के संकेत मिले थे। मामले में डिजिटल साक्ष्य जुटाकर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत कार्रवाई की गई। निर्धारित समयसीमा में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष आरोपपत्र भी प्रस्तुत किया गया। जांच का केंद्र ऑनलाइन कट्टरपंथी प्रभाव और संदिग्ध गतिविधियां थीं, न कि किसी आतंकी हमले की घटना।

यह राजश्री मिश्रा का दूसरा केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक है। इससे पहले उन्हें प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी यह सम्मान मिल चुका है। इसके अलावा जनवरी 2026 में उन्हें सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया था।डिजिटल माध्यमों से फैल रही कट्टरपंथी गतिविधियों की पहचान और समय रहते कार्रवाई में उनकी भूमिका को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह मान्यता छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए भी महत्वपूर्ण उ

पलब्धि है।

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