महासमुंद। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खल्लारी में हुए भीषण रोप-वे हादसे में घायल स्वामी चौक निवासी गोविन्द स्वामी (47) की रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से पूरे शहर में शोक की लहर फैल गई है। वहीं उनकी पत्नी और 10 वर्षीय बेटी की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और वे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं।
गौरतलब है कि इस हादसे में इससे पहले रायपुर निवासी 28 वर्षीय महिला आरुषि साठकर की भी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी। इस प्रकार अब मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना के बाद मृतक गोविन्द स्वामी और आरुषि साठकर के परिवार के लिए 5 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की थी, लेकिन अब उनकी मौत के बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया है।
मंगलवार को गोविन्द स्वामी के अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी और समाज के लोग मौजूद रहे। इस दौरान लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। नागरिकों ने 5 लाख रुपये की सहायता को केवल औपचारिकता बताते हुए राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को कम से कम 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गंभीर लापरवाही से हुई घटना में केवल सांत्वना राशि पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को समुचित आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।
इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका और रोप-वे संचालन में हुई लापरवाही को लेकर भी सवाल लगातार उठ रहे हैं। वहीं, घटना की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।


