
महासमुंद। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन निश्चय” के तहत महासमुंद पुलिस ने एक ही दिन में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए 10 घंटे के भीतर 4 थाना क्षेत्रों में 5 अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने कुल 685.890 किलो गांजा और 700 नग नशीली टैबलेट जब्त करते हुए 13 तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 6 छत्तीसगढ़ और 7 अन्य राज्यों के शामिल हैं। जब्त गांजा की कीमत 3 करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है, जबकि वाहनों और अन्य सामग्री सहित कुल जब्ती 4 करोड़ 61 लाख 67 हजार 506 रुपये बताई गई है।
गौरतलब है कि आज पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि कार्रवाई के दौरान बसना थाना क्षेत्र में पैकर्स एंड मूवर्स के नाम पर चल रहे पिकअप वाहन से 454 किलो गांजा बरामद किया गया। वहीं कोमाखान थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में एक कार से 200 किलो और एक ट्रक से 25 किलो गांजा जब्त किया गया। सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में बाइक से 6 किलो गांजा बरामद हुआ, जबकि महासमुंद शहर में रेलवे स्टेशन के पास 700 नशीली कैप्सूल के साथ 5 आरोपियों को पकड़ा गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि तस्कर गांजा परिवहन के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे थे। इनमें पैकर्स एंड मूवर्स की आड़, ड्रायफ्रूट से भरे ट्रक, सामान्य कार-बाइक और ट्रेन का इस्तेमाल शामिल था। हालांकि पुलिस की सटीक रणनीति और लगातार चेकिंग अभियान के चलते सभी तरीके नाकाम साबित हुए। सिंघोड़ा मामले में थोक विक्रेता और खरीदार दोनों को गिरफ्तार किया गया, वहीं कोमाखान के मामलों में लॉजिस्टिक कोऑर्डिनेटर की भी गिरफ्तारी हुई है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था, जिसमें उड़ीसा से गांजा लाकर मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान तक सप्लाई किया जा रहा था। इस कार्रवाई में बिलासपुर पुलिस और रायपुर कमिश्नरेट क्राइम ब्रांच का भी सहयोग मिला। पुलिस के अनुसार पिछले तीन महीनों में जिले में 63 प्रकरण दर्ज कर 4054 किलो से अधिक गांजा जब्त किया गया है और 165 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

महासमुंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि जिले में किसी भी कीमत पर नशे के नेटवर्क को पनपने नहीं दिया जाएगा और इसमें संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


