महासमुंद। जिले के लिए गर्व का अवसर है। जिला मुख्यालय निवासी मृणाल विदानी और ओजल चंद्राकर ने फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में नई कामयाबी हासिल की है। दोनों छात्राओं को चेंच भाजी से फोरेंसिक पाउडर निर्माण पर भारत सरकार से कॉपीराइट प्राप्त हुआ है। यह जानकारी विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर की प्रोफेसर उमैमा अहमद ने व्हाट्सएप के जरिए साझा की और दोनों के परिवार को शुभकामनाएँ दीं।
मृणाल विदानी वर्तमान में फोरेंसिक साइंस में मास्टर्स अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं और डीएनए समेत कई जटिल विषयों पर शोधरत हैं। वहीं ओजल चंद्राकर बैचलर तृतीय वर्ष की छात्रा हैं।
गौरतलब है कि मृणाल विदानी को दो साल पहले भी भारत सरकार से कोसे के धागे से फोरेंसिक ब्रश तैयार करने के लिए कॉपीराइट मिल चुका है। अब दूसरी बार उन्होंने अपनी प्रतिभा से जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि पर स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर सहित प्रेस क्लब रायपुर व महासमुंद परिवार ने शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।


