रतन लाल डांगी पर महिला ने लगाए शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न के आरोप
रायपुर, 23 अक्टूबर (महासमुंद टाइम्स)। छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रतन लाल डांगी (भा.पु.से.–2003) पर एक महिला ने शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुख्यालय रायपुर ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है। वहीं, डांगी ने भी उक्त महिला पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत प्रस्तुत की है।
महिला की शिकायत 15 अक्टूबर को प्राप्त_पुलिस मुख्यालय से प्राप्त स-नोट के अनुसार, 15 अक्टूबर 2025 को एक महिला आवेदिका द्वारा पुलिस मुख्यालय में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई, जिसमें कहा गया कि श्री रतन लाल डांगी ने उन्हें लंबे समय से शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया है। महिला ने अपने आवेदन में कई गंभीर बिंदु उठाए हैं, जिन्हें संज्ञान में लेकर उच्च पुलिस अधिकारी स्तर पर जांच शुरू की गई है।
डांगी ने महिला पर लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप इसी प्रकरण में आईपीएस रतन लाल डांगी ने भी पुलिस मुख्यालय को शिकायत देकर कहा है कि संबंधित महिला उन्हें ब्लैकमेल कर रही है और उनके विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। डांगी का कहना है कि वे निर्दोष हैं और उनके विरुद्ध व्यक्तिगत द्वेषवश यह शिकायत की गई है।
जांच समिति गठित_दोनों पक्षों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए पुलिस मुख्यालय रायपुर ने तत्काल प्रभाव से दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है डॉ. आनंद छाबड़ा, भा.पु.से. (2001) पुलिस महानिरीक्षक,श्रीमती मीलना कुंवर, भा.पु.से. पुलिस उप महानिरीक्षक। यह समिति मामले से संबंधित सभी तथ्यों, दस्तावेजों और बयानों की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय या आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यालय से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अब तक किसी थाने में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। वर्तमान में मामला केवल विभागीय जांच स्तर पर है। जांच समिति को प्रारंभिक रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करनी है।
गौरतलब है कि महिला आवेदिका का आरोप है कि रतन लाल डांगी ने लंबे समय से शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न किया है। वहीं मामले में रतन लाल डांगी (आईपीएस) महिला द्वारा ब्लैकमेलिंग और झूठे आरोपों से बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय रायपुर ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।
विभागीय सूत्रों का कहना है…विभागीय सूत्रों के अनुसार, दोनों शिकायतें अत्यंत संवेदनशील हैं। इसलिए जांच समिति को निर्देश दिया गया है कि वह मामले की पूर्ण गोपनीयता और निष्पक्षता के साथ जांच करे। रिपोर्ट में यदि प्रारंभिक साक्ष्य आरोपों की पुष्टि करते हैं तो पुलिस मुख्यालय द्वारा FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। वहीं, यदि शिकायत झूठी या दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है तो महिला के विरुद्ध ब्लैकमेलिंग या झूठी शिकायत दर्ज करने की धाराओं में कार्रवाई संभव है।
प्रशासनिक और जनहित दृष्टि से संवेदनशील मामला रतन लाल डांगी छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं और कई जिलों में पदस्थ रह चुके हैं। ऐसे में उन पर लगे गंभीर आरोप न केवल व्यक्तिगत स्तर पर, बल्कि विभागीय पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। राज्य के पुलिस तंत्र की साख बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि इस मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से पूरी की जाए।


