जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान में पूर्वी जोन में प्रथम स्थान, जिले को मिला एक करोड़ प्रोत्साहन राशि
महासमुंद। जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का परचम लहराया है। जल संचय एवं जन भागीदारी (JSJB 1.0) अभियान में पूर्वी जोन के कैटेगरी–2 में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित 6वाँ राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में महासमुंद जिले को सम्मानित किया।
इस अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह को राष्ट्रपति के कर कमलों से पुरस्कार प्रदान किया गया तथा जिले को एक करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई। समारोह में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री C.R. पाटिल, राज्य मंत्री V. सोमन्ना सहित देशभर से आए वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जिले को यह गौरव कुल 35,182 जल संरचनाओं के सफल निर्माण, जल संरक्षण के नवीन प्रयासों, तथा जन सहभागिता को व्यापक रूप से जोड़ने जैसे कार्यों के कारण प्राप्त हुआ। यह काम न केवल प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है बल्कि ग्रामीण स्तर तक जन-जागरूकता, सामुदायिक श्रमदान और तकनीकी उपयोग का बेहतरीन मॉडल भी साबित हुआ।
सम्मान प्राप्त करने के बाद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा “यह उपलब्धि महासमुंद के हर नागरिक, हर अधिकारी, हर जनप्रतिनिधि और अभियान से जुड़े हर व्यक्ति की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। पूरे जिले ने मिलकर जल संरक्षण की दिशा में जो प्रयास किए हैं, उसी का प्रतिबिंब यह राष्ट्रीय सम्मान है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह गौरव पूरा महासमुंद जिला साझा करता है, और यह उपलब्धि आने वाले समय में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देती है। कलेक्टर के साथ जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अजय खरे भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
महासमुंद जिले को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किए जाने की खबर फैलते ही पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इसे जिले के विकास के लिए ऐतिहासिक पल बताया।


