राशन दुकानों तक नहीं पहुंचा खाद्यान्न, कई दुकान संचालकों ने जड़े ताले
चावल भंडारण में देरी और परिवहन व्यवस्था पर उठे सवाल, खाद्य विभाग ने नागरिक आपूर्ति निगम को दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश
महासमुंद। जिले की कई शहरी उचित मूल्य राशन दुकानों में समय पर खाद्यान्न नहीं पहुंचने से राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायत सामने आई है। खाद्यान्न की उपलब्धता नहीं होने से दुकान संचालकों और हितग्राहियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ राशन दुकान संचालकों ने खाद्यान्न नहीं मिलने के चलते दुकानें बंद कर ताला लगा दिया है।
मामले को लेकर शहरी राशन दुकान संचालकों ने 7 सितंबर 2026 को खाद्य विभाग में आवेदन प्रस्तुत कर नागरिक आपूर्ति निगम से संबंधित विभिन्न समस्याओं की शिकायत की थी। इसके बाद जिला खाद्य अधिकारी ने 22 सितंबर को नागरिक आपूर्ति निगम, महासमुंद के जिला प्रबंधक को पत्र जारी कर शिकायतों के निराकरण के निर्देश दिए हैं।
पत्र में उल्लेख है कि परिवहनकर्ता द्वारा समय पर वाहन उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण चावल के भंडारण में देरी हो रही है। वहीं निगम के सिस्टम में अतिरिक्त चावल प्रदर्शित होने के बावजूद उसे समय पर उपलब्ध नहीं कराने की शिकायत भी सामने आई है। दुकान संचालकों ने परिवहन प्रतिनिधियों पर भंडारण के दौरान कथित अवैध वसूली तथा चावल का वजन कराकर भंडारण नहीं करने जैसी शिकायतें भी दर्ज कराई हैं।
खाद्य अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि शासन से आवंटन जारी होने के बाद उचित मूल्य दुकानों में समय पर खाद्यान्न का भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि हितग्राहियों को महीने के प्रथम सप्ताह से राशन वितरण किया जा सके। साथ ही परिवहनकर्ता के प्रतिनिधियों पर लगाए गए आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और कार्रवाई से विभाग को अवगत कराने को कहा गया है।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार समय पर हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था का दावा कर रही है, तो जमीनी स्तर पर राशन दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने में आखिर देरी क्यों हो रही है? व्यवस्था में लापरवाही का खामियाजा गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों को भुगतना पड़ रहा है। अब देखना होगा कि नागरिक आपूर्ति निगम इन शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और राशन वितरण व्यवस्था कब पटरी पर लौटती है।


