पदयात्रा, धरना और ज्ञापन के जरिए ग्रामीणों ने उठाई आवाज, वर्षों से बदहाल सड़क से श्रद्धालु परेशान
खल्लारी।दैवीय माता तीर्थ स्थल खल्लारी पहुंच मार्ग के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। “खल्लारी करे पुकार, सड़क चौड़ीकरण करो, छत्तीसगढ़ सरकार” के नारे के साथ सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्राम पंचायत खल्लारी के उपसरपंच तारेश साहू के नेतृत्व में सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सड़क सत्याग्रह किया।
इस दौरान खल्लारी मातेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद करीब 2 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली गई, जो नेशनल हाईवे क्रमांक 353 तक पहुंची। इसके पश्चात सभा स्थल पर धरना प्रदर्शन कर प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम में बागबाहरा की नायब तहसीलदार नंदनी वर्मा एवं पटवारी दुर्गेश पटेल उपस्थित रहे। पदयात्रा से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग के पास सभा आयोजित कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया गया। सभा को उपसरपंच तारेश साहू सहित विभिन्न सामाजिक एवं ग्रामीण प्रतिनिधियों ने संबोधित किया और सड़क की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई।
खल्लारी मातेश्वरी मंदिर तक पहुंचने वाले इस 2 किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण और गौरव पथ निर्माण की मांग राज्य निर्माण के बाद से लगातार की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी है। नवरात्रि, चैत्र पूर्णिमा मेला और अन्य पर्वों पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण संकरी सड़क पर जाम की स्थिति बनती है। वहीं बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से आवागमन और भी कठिन हो जाता है।
उपसरपंच तारेश साहू ने कहा कि खल्लारी जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल की उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण है। सड़क निर्माण की बहुप्रतीक्षित मांग वर्षों से अधूरी है, जिससे क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।उन्होंने बताया कि सड़क के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये की स्वीकृति की मांग की गई है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके। आंदोलन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में सड़क निर्माण की मांग को जल्द पूरा करने की अपील की।

खल्लारी में सड़क सत्याग्रह के माध्यम से ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वे बदहाल सड़क से समझौता करने के मूड में नहीं हैं। यदि जल्द ही मांग पूरी नहीं होती, तो आंदोलन और तेज होने के संकेत भी दिए गए हैं।


