कूटरचित दस्तावेजों के सहारे शासकीय राशि की हेराफेरी, चार आरोपी पहले ही जेल में
बलरामपुर/वाड्रफनगर।जनपद पंचायत वाड्रफनगर में वर्ष 2013-14 के दौरान हुए लगभग 30 लाख रुपये के शासकीय गबन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रवण मरकाम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। लंबे समय से फरार चल रहे मरकाम को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर पकड़ा।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2013-14 में जनपद पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों एवं योजनाओं के नाम पर स्वीकृत शासकीय राशि में अनियमितता की शिकायतें मिली थीं। जांच में सामने आया कि कूटरचित दस्तावेज तैयार कर एवं भुगतान प्रक्रिया में हेरफेर कर करीब 30 लाख रुपये की राशि का गबन किया गया। कई कार्य कागजों में पूर्ण दर्शाकर भुगतान कर दिया गया, जबकि स्थल निरीक्षण में वे अधूरे या अस्तित्वहीन पाए गए।
ऑडिट रिपोर्ट और विभागीय जांच के आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान भुगतान रजिस्टर, मस्टर रोल, वित्तीय अभिलेख एवं निर्माण कार्यों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई, जिनमें फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचना के संकेत मिले। मामले में पूर्व में चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ शासकीय धन के गबन, कूटरचना एवं आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। विस्तृत धाराओं का खुलासा अभी नहीं किया गया है। बैंक खातों, लेन-देन और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की भी जांच जारी है। पूछताछ में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
गिरफ्तारी की खबर से जनपद पंचायत और प्रशासनिक हलकों में हलचल है। लंबे समय से लंबित इस प्रकरण में कार्रवाई होने से स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।


