Saturday, 7 Mar 2026

ज़िंदगी भर जान बचाने वाले के लिए भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एक भी वकील नहीं है

शहीद पत्रकार मुकेश चंद्राकर के हत्यारों को सुप्रीम कोर्ट में राहत मिलने की आशंका  

बड़े भाई यूकेश का विस्फोटक फेसबुक पोस्ट वायरल  

“25 नवंबर रात तक कोई वकील नहीं खड़ा हुआ तो 1 जनवरी की श्रद्धांजलि ढोंग होगी”

महासमुंद। बस्तर के शहीद पत्रकार मुकेश चंद्राकर की बर्बर हत्या के मामले में न्याय की लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर खड़ी है, लेकिन पीड़ित परिवार को अब तक कोई बड़ा कानूनी सहारा नहीं मिला। उधर, हत्यारों ने टेंडर घोटाले से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर दी है, जिसकी सुनवाई कल 26 नवंबर को होनी है।

मुकेश के बड़े भाई यूकेश चंद्राकर ने सोमवार देर रात अपने फेसबुक पेज पर एक बेहद तीखा, भावुक और व्यवस्था पर करारा प्रहार करने वाला पोस्ट लिखा, जो कुछ ही घंटों में लाखों लोगों तक पहुँच गया। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि  “ज़िंदगी भर जान बचाने वाले के लिए भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एक भी वकील नहीं है, और ज़िंदगी भर जान लेने वाले के लिए इंडिया गेट पर ज़िंदाबाद चल रहा है।”

यूकेश ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि “यदि आज (25 नवंबर) रात तक सुप्रीम कोर्ट में मुकेश के लिए कोई वकील नहीं खड़ा होता, तो एक जनवरी 2026 को मुकेश को श्रद्धांजलि देना सिर्फ़ ढोंग होगा।”

यूकेश ने खुलासा किया कि मुकेश के हत्यारे अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुके हैं। टेंडर प्रकरण में दाखिल उनकी रिट पिटिशन पर 26 नवंबर को सुनवाई तय है। यदि इस मामले में उन्हें राहत या जमानत मिल जाती है तो हत्या के मुख्य केस में भी जमानत मिलने की आशंका बढ़ जाएगी। उन्होंने लिखा कि “टुकड़े-टुकड़े कर हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में फेंकने वाले केस में भी इन्हें जमानत मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।”

मुकेश, तुम बेवकूफ थे…” — व्यवस्था पर तीखा हमला

अपने पोस्ट में यूकेश की पीड़ा और गुस्सा साफ झलक रहा है। उन्होंने लिखा कि “मुकेश चंद्राकर, तुम बेवकूफ थे… अब देख लो, सबूत है यह देश और इसकी व्यवस्था।“मैं आज सभी पत्रकार संगठनों, सरकारों, न्याय व्यवस्था और समाज की औकात बताने जा रहा हूँ। बहुत प्रेम से।”

मेरी अगली लड़ाई क्रांतिकारियों से भी ज़्यादा पसंद आएगी”

यूकेश ने ऐलान किया कि “आप जितने भी उपेक्षित, गरीब, संघर्षशील, बेरोजगार, पीड़ित लोग हैं… मेरे अगले कदम आपको पसंद आएँगे। मैं अकेला लड़ बैठूँगा इस पूरे देश के सिस्टम से। वादा है।”

उन्होंने लोगों से कहा कि आज रात आने वाली उनकी वीडियो न देखें क्योंकि कि “मैं आप सभी के खिलाफ़, देश के खिलाफ़, मानवजाति के खिलाफ़ बहुत बड़े सच बोलने जा रहा हूँ।”

पृष्ठभूमि में शहीद पत्रकार मुकेश चंद्राकर बस्तर के साहसी पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने नक्सल प्रभावित इलाकों में भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं और जमीनी हकीकत को बेखौफ रिपोर्टिंग की। उनकी हत्या ने पूरे देश के पत्रकार समुदाय को हिला कर रख दिया था।

पत्रकारों में रोष, सवालों की बौछार सुप्रीम कोर्ट में मुकेश के पक्ष में कोई वरिष्ठ वकील क्यों नहीं? पत्रकार संगठनों ने ठोस साथ क्यों नहीं दिया? आरोपियों को अलग-अलग मामलों में राहत क्यों मिल रही? क्या यह दोहरे मापदंड का जीता-जागता सबूत नहीं?

यूकेश चंद्राकर का यह पोस्ट सामने आते ही प्रदेश भर के पत्रकारों में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। कई पत्रकारों ने इसे सिर्फ़ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरी पत्रकारिता की सुरक्षा और सम्मान की लड़ाई बताया है। आज रात तक देखना यह होगा कि देश की सर्वोच्च अदालत में मुकेश चंद्राकर के लिए कोई वकील खड़ा होता है या नहीं। नहीं तो यूकेश चंद्राकर का अगला कदम क्या होगा, यह पूरा देश देखेगा।

Share This Article

- Advertisement -

error: Content is protected !!

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/ihrkiamy/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/ihrkiamy/public_html/wp-content/plugins/gspeech/includes/gspeech_frontend.php on line 545