महासमुंद, 26 सितम्बर। कावेरी सीड्स कंपनी लिमिटेड द्वारा बकाया भुगतान नहीं करने से आक्रोशित किसानों ने आज महासमुंद जिला मुख्यालय में बैठक कर आगामी रणनीति तय की। बैठक में महासमुंद जिले सहित रायपुर और बलौदाबाजार जिलों के कुल 121 प्रभावित किसान शामिल हुए।
बैठक का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य एवं किसान नेता जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही तथा किसान नेता पारसनाथ साहू की विशेष उपस्थिति में हुआ। प्रभावित किसानों में कृष्ण कुमार चंद्राकर, प्रवीन चंद्राकर, रोशन चंद्राकर, केशव पाल, मनीष साहू, महेन्द्र बंजारे, पुष्कर चंद्राकर, श्याम साहू, बीरेंद्र साहू, अभिषेक पटेल सहित आरंग, अभनपुर, महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बलौदाबाजार क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
किसानों ने बताया कि कावेरी सीड्स कंपनी लिमिटेड ने बीज उत्पादन के पश्चात 121 किसानों से कुल 103.124 एकड़ का बीज लेकर लगभग 3 करोड़ 57 लाख 1 हजार 148 रुपये का भुगतान अब तक नहीं किया है। किसानों का आरोप है कि लंबे समय से आश्वासन देने के बावजूद कंपनी राशि चुकाने में टालमटोल कर रही है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रारंभिक चरण में मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और बीज निगम अध्यक्ष को पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी। साथ ही कंपनी को भी नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर भुगतान करने कहा जाएगा। जिन किसानों को चेक दिए गए थे और वे बाउंस हो गए, उनके संबंध में चेक बाउंस का मामला दर्ज कराया जाएगा।
तय कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्टूबर को मंत्रालय एवं बीज निगम को पत्र भेजा जाएगा और 12 अक्टूबर को किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल हैदराबाद जाकर कंपनी प्रबंधन से मुलाकात करेगा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी बकाया राशि का भुगतान नहीं होता है, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।


