पानी के विवाद में हुई मारपीट, निर्दलीय पार्षद समेत 4 आरोपी हिरासत में
महासमुंद। जिले के थाना महासमुंद क्षेत्र अंतर्गत नांदगांव महानदी घाट में युवक की हत्या कर शव को रेत में दफनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब रायपुर जिले के मंदिर हसौद थाना में दर्ज गुम इंसान की जांच महासमुंद तक पहुंची। पुलिस ने इस मामले में निर्दलीय पार्षद नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान 38 वर्षीय भुवनेश्वर यादव निवासी नकटी के रूप में हुई है। वह मोनेट कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। भुवनेश्वर यादव 22 मई की शाम से लापता था, जिसकी गुमशुदगी मंदिर हसौद थाना में दर्ज कराई गई थी। मंदिर हसौद पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। टेक्निकल जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि भुवनेश्वर आखिरी बार अपने कुछ परिचितों के साथ महासमुंद की ओर गया था।
जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन भुवनेश्वर यादव अपने दोस्तों के साथ कार में बैठकर शराब पीते हुए बेलसोंडा और नांदगांव घाट क्षेत्र तक पहुंचा था। इसी दौरान पानी को लेकर विवाद शुरू हुआ और गाली-गलौज के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि निर्दलीय पार्षद नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे तथा उसके साथियों अमित सिंह राजपूत और हेमचंद बंजारे ने भुवनेश्वर के साथ हाथ-मुक्कों से जमकर मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से महानदी किनारे टापूनुमा क्षेत्र में ले गए और गड्ढा खोदकर शव को रेत में दफना दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नांदगांव घाट से शव बरामद कर लिया है। मृतक का मोबाइल फोन और अन्य सामान भी जब्त किया गया है।
बताया जा रहा है कि घटना की शाम भुवनेश्वर यादव ने अपनी पत्नी से फोन पर बात भी की थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया था। इसी आधार पर पुलिस ने संदेह के घेरे में आए लोगों से पूछताछ की और मामले का खुलासा हुआ।
थाना महासमुंद में मामले को लेकर मार्ग क्रमांक 83/26 एवं अपराध क्रमांक 322/26 धारा 103, 238, 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।


