Saturday, 7 Mar 2026

 18 तालाबों में ई-बॉल का उपयोग: जल गुणवत्ता सुधार और जलीय जीवों की सुरक्षा की पहल

संवाददाता – बालाराम कोलते, भिलाईनगर

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा छठ महापर्व के पूर्व शहर के लगभग 18 तालाबों में ई-बॉल (E-Ball) जैविक उत्पाद का उपयोग किया गया है। इस पहल का उद्देश्य तालाबों के पानी की गुणवत्ता में सुधार करना और जलीय जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हाल ही में राधिका नगर स्थित दाऊ बाड़ा तालाब में मछलियों के मृत मिलने की शिकायत प्राप्त हुई थी। इस घटना की जानकारी मिलते ही निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को जांच के निर्देश दिए।

निर्देश के पालन में स्वास्थ्य विभाग की टीम और मत्स्य निरीक्षक हर्षिता साहू द्वारा मौके पर निरीक्षण किया गया। मत्स्य निरीक्षक ने बताया कि तालाब के पानी में ऑक्सीजन का स्तर घटने और अमोनिया की मात्रा बढ़ने से कुछ प्रजातियों की मछलियां — विशेष रूप से तिलापिया मछली — प्रभावित हुई हैं। इसी कारण सीमित संख्या में मछलियां मृत पाई गईं।

पानी की गुणवत्ता जांच के लिए निगम ने सैंपल रायपुर की प्रयोगशाला भेजा है। मछुवारों ने तत्परता से तालाब की जीवित मछलियों को सुरक्षित निकाल लिया। इस दौरान भारती मीडिया के दीपक शर्मा सहित अन्य मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

मत्स्य निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि ई-बॉल जैविक उत्पाद के कारण मछलियां नहीं मरी हैं। उन्होंने बताया कि यह उत्पाद चूना और लाभदायक बैक्टीरिया का संयोजन है, जो पानी को स्वच्छ करने में सहायक है। ई-बॉल से पानी में किसी प्रकार की हानिकारक प्रतिक्रिया नहीं होती, बल्कि यह ऑक्सीजन लेवल और पीएच संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद आदित्य सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

ई-बॉल जल प्रदूषण से मुक्ति का एक क्रांतिकारी जैविक समाधान है, जिसे भारत सरकार द्वारा पेटेंट प्राप्त हुआ है। इसे छत्तीसगढ़ अंबिकापुर के वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत शर्मा ने विकसित किया है।

यह उत्पाद 14 प्रकार के उपयोगी कवक (फंगस) और बैक्टीरिया को कैल्शियम कार्बोनेट (चूना पाउडर) के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। ई-बॉल पानी की सतह को स्वच्छ करता है और उसमें मौजूद कार्बन व नाइट्रोजन तत्वों को पोषक रूप में उपयोग कर स्वाभाविक रूप से सफाई करता है।

ई-बॉल के उपयोग से पानी का pH मान तटस्थ (लगभग 7) रहता है, TDS स्तर में सुधार होता है और गंध समाप्त होती है। यह पूरी तरह पर्यावरण एवं जलीय जीवों के लिए सुरक्षित, कम खर्चीला और समय बचाने वाला विकल्प है। अंबिकापुर, रायपुर और बिलासपुर सहित कई शहरों में इसके प्रयोग से पानी की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। भविष्य में इसे राष्ट्रीय स्तर पर नालों और नदियों के प्रदूषण नियंत्रण हेतु भी उपयोग में लाने की योजना है।

Share This Article

- Advertisement -

error: Content is protected !!

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/ihrkiamy/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/ihrkiamy/public_html/wp-content/plugins/gspeech/includes/gspeech_frontend.php on line 545