रजिस्ट्री में रोक लगाने के आदेश के बाद भी उप पंजीयक पिथौरा ने मनमानी करते हुए कर दी रजिस्ट्री। आदेश के अवहेलना पर पंजीयक ने उप पंजीयक पिथौरा कासिम रजा से 3 दिन में मांगा स्पष्टीकरण। संतोषजनक जवाब नही मिलने पर उप पंजीयक पिथौरा कासिम रजा पर कार्यवाही होना तय।
महासमुंद। जिला पंजीयक कार्यालय महासमुंद ने पिथौरा के उप पंजीयक कासिम रजा को शासकीय भूमि के विक्रय पंजीयन मामले में स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया है। नोटिस में उप पंजीयक से नियमानुसार कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर जवाब मांगा गया है। मामला सांकरा (पिथौरा) क्षेत्र के सरीफाबाद शासकीय भूमि से जुड़ा है। जहां बिक्री अंतरण की अनुमति को लेकर शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू हुई है।
जिला पंजीयक रुपाली श्रीवास्तव महासमुंद द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत सरीफाबाद के ग्रामीणों द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर शिकायत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ग्राम सरीफाबाद पटवारी हल्का नंबर 44, राजस्व निरीक्षक पिथौरा अंतर्गत कई खसरा नंबरों में दर्ज शासकीय पट्टे की भूमि का विक्रय अंतरण किया गया है। सरीफाबाद के भोले भाले जिन ग्रामीणों की जमीन की रजिस्ट्री फर्जी तरीके से कर करोड़ों रूपये का खेल किया गया है। जिस ग्रामीण की जमीन है जो बिक गई है उसे इस बात का पता ही नहीं कि उसकी जमीन पटवारी, जमीन दलाल और आर आई ने मिलकर कब राजस्व रिकॉर्ड से मूल किसान का नाम ही गायब कर दिया है।
नोटिस में कहा गया है कि शिकायत के अनुसार शासकीय भूमि के वर्तमान अभिलेखों में भूमि स्वामी के रूप में शासकीय दर्ज होने के बावजूद कुछ लोगों द्वारा राजस्व अधिकारियों और पटवारी से मिलीभगत कर अभिलेखों में भूमि स्वामी दर्ज कराकर करोड़ों रुपये की भूमि का हेरफेर कर फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री करा ली है जिसकी जानकारी जमीन के मूल मालिक को पता तक नहीं है। जानकारी जिला प्रशासन को मिलने के बाद जिला प्रशासन ने इस गाँव के मामले में 19 जनवरी 2026 को रजिस्ट्री में रोक लगाने के आदेश दिया था। लेकिन मनमानीं करते हुए पिथौरा के उप पंजीयक कासिम रजा ने 16 फरवरी 2026 को रजिस्ट्री कर दिया।
जिला पंजीयक कार्यालय ने यह भी उल्लेख किया है कि इस संबंध में 19 जनवरी 2026 को ग्रामवासियों की ओर से रोक के संबंध में आवेदन प्राप्त होने के बाद भी 16 फरवरी 2026 को 2 दस्तावेजों का पंजीयन किया गया। विभाग ने इसे निर्देशों का पालन नहीं किया जाना बताते हुए उप पंजीयक क़ासिम रज़ा से जवाब मांगा है।
नोटिस में उप पंजीयक कासिम रजा को निर्देशित किया गया है कि वे इस पूरे मामले में अपना स्पष्टीकरण 3 दिवस के भीतर प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी स्पष्ट करने कहा गया है कि शिकायत एवं प्राप्त आवेदनों के बावजूद दस्तावेजों का पंजीयन किन परिस्थितियों में किया गया।
गौरतलब है कि शासकीय भूमि से जुड़े मामलों में राजस्व रिकॉर्ड, भूमि स्वामित्व एवं विक्रय अनुमति की प्रक्रिया बेहद संवेदनशील मानी जाती है। ऐसे मामलों में नियमों की अनदेखी होने पर शासन को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ भूमि विवाद की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। अब उप पंजीयक पिथौरा कासिम रजा के जवाब के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि रोक के बाद कैसे रजिस्ट्री की गई। मामले को लेकर राजस्व एवं पंजीयन विभाग में भी चर्चा तेज हो गई है।



