महासमुंद। छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी व्यवस्था को प्रभावित कर रही संभावित हड़ताल और कर्मचारियों के काम से इंकार की स्थिति को गंभीर मानते हुए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की संपूर्ण धान खरीदी अवधि के लिए अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है।
गृह विभाग (सी-अनुभाग), मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर द्वारा 14 नवंबर 2025 को जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार के संज्ञान में यह बात आई कि धान खरीदी से जुड़े कर्मचारी अपने कार्य से इंकार कर सकते हैं। इसे देखते हुए लोकहित में यह आवश्यक हो गया कि इस अवधि में किसी भी प्रकार के कामबंदी या इंकार को रोका जाए।
छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने 15 नवंबर से 31 जनवरी 2026 तक ESMA लागू किया है। जारी आदेश के अनुसार, 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक, राज्यभर में धान खरीदी कार्य में लगे सभी कर्मचारियों द्वारा काम से इंकार करना वर्जित रहेगा। यह अवधि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की संपूर्ण धान खरीदी प्रक्रिया को कवर करती है।
धान खरीदी व्यवस्था को बाधित करने पर कार्रवाई आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 की धारा 4(1) एवं 4(2) के तहत यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इसके तहत कार्य से इंकार, सामूहिक अवकाश, या किसी भी प्रकार की हड़ताल को अवैध माना जाएगा, और संबंधित कर्मचारी या संगठन पर कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
अनुसूची के अंतर्गत धान खरीदी से जुड़े सभी कर्मचारी शामिल हैं। शासन द्वारा जारी अनुसूची में धान खरीदी कार्य से जुड़े समिति प्रबंधक, डीसीएस कर्मी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी, ट्रस्टेड पर्सन,तथा अन्य सभी नियुक्त कर्मचारी, इस प्रतिबंध के दायरे में शामिल माने गए हैं। गृह विभाग की ओर से यह आदेश उप सचिव रामप्रसाद चौहान द्वारा जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय धान खरीदी जैसे महत्व पूर्ण कार्य को बिना व्यवधान जारी रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम (ESMA), 1979 के तहत यदि कोई कर्मचारी प्रतिबंधित अवधि में ड्यूटी से इंकार करता है, हड़ताल करता है या कार्य बाधित करता है, तो उस पर कानूनी और विभागीय—दोनों प्रकार की कार्रवाई हो सकती है।
सरकार क्यों लगाती है ESMA?
जब किसी सेवा को लोकहित में अत्यावश्यक माना जाता है और किसी भी प्रकार का अवरोध जनता को बड़ी हानि पहुँचा सकता है, तब सरकार ESMA लागू करती है।इस मामले में धान खरीदी छत्तीसगढ़ की सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्था होने के कारण यही कदम उठाया गया है।


