संवाददाता बालाराम कोलते
दुर्ग।अखिल भारतीय एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित संविधान पर्व व राज्य स्तरीय सम्मेलन दुर्ग के मनवा कुर्मी भवन, शंकर नगर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि संयुक्त मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ओम सुधा ने अध्यक्षता की।
सम्मेलन की शुरुआत संत गुरु घासीदास, महात्मा ज्योतिबा फूले, सावित्रीबाई फूले, छत्रपति शाहू जी महाराज, शहीद वीर नारायण सिंह, खूबचंद बघेल तथा भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में कार्यक्रम का संचालन महासचिव रमेश पटेल ने किया।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कौशल वर्मा ने कहा कि पिछड़ा वर्ग मानसिक रूप से पिछड़ा हुआ है क्योंकि वह अपना इतिहास और डॉ. अम्बेडकर के सिद्धांतों को नहीं जानता। जब तक पिछड़े वर्ग अम्बेडकर के संवैधानिक मूल्यों को नहीं अपनाएंगे, उनका विकास नहीं हो सकता। उन्होंने अनुच्छेद 340 का जिक्र करते हुए कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने ही पिछड़ों को आरक्षण का पात्र बनाया था।
आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष के.आर. शाह ने घोषणा की कि जिस दिन ओबीसी जागेगा, एससी-एसटी उसे कंधों पर उठाने को तैयार हैं। राष्ट्रीय सचिव अनिल मेश्राम ने कहा कि एससी-एसटी-ओबीसी की एकता ही संवैधानिक अधिकारों की रक्षा कर सकती है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ओम सुधा ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि हम उस बाबा को नहीं मानते जिसने हमें अधिकार दिए, बल्कि उस बाबा के पीछे भागते हैं जो हमारी कमाई लूट लेता है। अंधविश्वास और अंधभक्ति पूरे समाज के लिए घातक है। संविधान पढ़ें और मानसिक विकास करें।
मुख्य अतिथि भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि संवैधानिक अधिकार मांगने से नहीं मिलते तो सड़क की लड़ाई के लिए तैयार रहें। बस्तर के आदिवासियों की जल-जंगल-जमीन खतरे में है, सरकार अडानी को जमीन सौंप रही है। निजीकरण से आरक्षण समाप्त हो रहा है, सार्वजनिक उपक्रम बेचे जा रहे हैं और हजारों सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। केंद्र सरकार एससी-एसटी-ओबीसी के हितों पर कुठाराघात कर रही है।
कार्यक्रम में सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ। नरेंद्र बंछोर को शाहूजी महाराज समता सम्मान, कमल वर्मा को गुरु घासीदास समता सम्मान और देवेश साहू को ज्योतिबा फूले शिक्षा सम्मान प्रदान किया गया। अंत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को डॉ. अम्बेडकर रत्न सामाजिक समता सम्मान से सम्मानित किया गया। आभार प्रदर्शन उपाध्यक्ष मुकुंद बंसोड़ ने किया। सम्मेलन में एकता और संविधान बचाओ का संकल्प लिया गया।


