महासमुंद। महासमुंद जिला सहित पूरे छत्तीसगढ़ की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर सक्षम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ ने महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव को तीन महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे। ज्ञापनों में विभाग द्वारा वितरित की जा रही घटिया गुणवत्ता की साड़ियों की उच्चस्तरीय जांच, 1 सितंबर एवं 19 सितंबर को हुए आंदोलन के दौरान काटे गए मानदेय की तत्काल वापसी तथा “सम्मान सुविधा” ऐप में कार्यकर्ताओं की ऑनलाइन एंट्री एवं सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की गई है।

संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुधा रात्रे ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के लिए क्रय की गई साड़ियाँ मानक से छोटी हैं और उनकी गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की है। एक बार धोने पर ही साड़ियों का रंग उतर जाना इस बात का प्रमाण है कि खरीदी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता हुई है। ऐसी साड़ियाँ राजनांदगांव, सूरजपुर, गरियाबंद एवं मुंगेली जिलों में वितरित की जा चुकी हैं, जिससे हजारों आंगनबाड़ी बहनों का सम्मान प्रभावित हुआ है।
संघ ने मांग की है कि साड़ियों की खरीदी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी आपूर्तिकर्ताओं व जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो, तथा वितरित की गई घटिया साड़ियों को वापस लेकर मानक अनुरूप, उत्तम गुणवत्ता की साड़ियाँ उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही भविष्य में पारदर्शी एवं गुणवत्ता आधारित क्रय प्रणाली लागू करने की भी मांग की गई है।
दूसरे ज्ञापन में बताया गया कि 1 सितंबर एवं 19 सितंबर को संयुक्त मंच के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन करते हुए सामूहिक अवकाश लिया था, जिसकी पूर्व सूचना विभाग को दी गई थी। इसके बावजूद कई जिलों में उनका मानदेय काट लिया गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और अत्यंत अन्यायपूर्ण है। संघ ने मांग की है कि आंदोलन में सम्मिलित सभी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं का काटा गया मानदेय तत्काल पुनः प्रदाय किया जाए तथा भविष्य में किसी वैधानिक व संगठित आंदोलन के कारण मानदेय न काटने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएँ। तीसरे ज्ञापन में “सम्मान सुविधा” ऐप से जुड़ी तकनीकी समस्याओं, कार्यकर्ताओं की ऑनलाइन एंट्री में आ रही बाधाओं एवं सुविधाओं के सुचारु संचालन की मांग रखी गई।
प्रदेश अध्यक्ष सुधा रात्रे ने कहा कि यह केवल साड़ी या मानदेय का मामला नहीं, बल्कि हजारों मेहनतकश महिलाओं के सम्मान, गरिमा और अधिकार से जुड़ा विषय है। संघ को पूर्ण विश्वास है कि मंत्री एवं सचिव इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई करेंगे। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सरिता पाठक, सुधा रात्रे, हेमा भारती, सुलेखा शर्मा, दुर्गा यादव, विमला सोनी एवं छाया हिरवानी उपस्थित रहीं।


