
महासमुंद। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान भौतिक सत्यापन और ऑनलाइन रिकॉर्डिंग में बड़ी लापरवाही सामने आई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी उमेश वर्मा की इस मामले में गंभीर अनदेखी उजागर हुई है।
जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इस संबंध में उमेश वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि जवाब न देने पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण निवारण अधिनियम, 1979 (ESMA) के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, दो दिन बीत जाने के बावजूद उमेश वर्मा ने कलेक्टर के आदेश की अवहेलना की है और अब तक कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया।
उल्लेखनीय है कि उमेश वर्मा ही बड़ेडाबा, गढ़फुलझर तथा हाड़ापथरा धान खरीदी केंद्रों के नोडल अधिकारी हैं। इन केंद्रों में अब तक खरीदी गई धान की मात्रा इस प्रकार है।बड़ेडाबा 39,091 क्विंटल, गढ़फुलझर 48,716 क्विंटल , हाड़ापथरा 14,460 क्विंटल। समय पर भौतिक सत्यापन न होने से इन केंद्रों में भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की आशंका बढ़ गई है। लापरवाही के कारण किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं तथा सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ पड़ सकता है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई हुई है। जिले में लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं तथा लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ निलंबन, कारण बताओ नोटिस एवं एफआईआर जैसी कार्रवाईयां की जा रही हैं।
प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि उमेश वर्मा के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है, जिसमें निलंबन या अन्य अनुशासनात्मक कदम शामिल हो सकते हैं। कलेक्टर ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी केंद्रों में नियमित ऑनलाइन भौतिक सत्यापन, स्टेकिंग, स्टेंसिलिंग एवं गुणवत्ता जांच सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


