महासमुंद। पिथौरा तहसील अंतर्गत थाना सांकरा क्षेत्र के ग्राम बड़ेलोरम में गांव के ही कुछ लोगों द्वारा एक युवक के साथ गंभीर मारपीट, गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने पुलिस पर भी शिकायत दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक महासमुंद को आवेदन सौंपकर न्याय की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बड़ेलोरम निवासी सरविंद्र प्रधान (23 वर्ष), पिता तेजकुमार प्रधान ने अपने शिकायती आवेदन में बताया कि 19 जनवरी को उसका बछड़ा गुम हो गया था, गांव में खोजबीन के दौरान यह विवाद हुआ। जैसे ही वह गांव की गली से होकर लौट रहा था, तभी गांव के देवेश प्रधान ने उसे बछड़ा खुला छोड़ने की बात पर गाली-गलौच शुरू कर दी। विरोध करने पर निलेश प्रधान और देवेश प्रधान मौके पर पहुंचे और तीनों ने मिलकर युवक के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान उसके गले में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा, जिसका चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया है। घटना के दौरान गांव के कुछ अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया, जिससे पीड़ित की जान बच सकी।
मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि इसके बाद गांव के राजकुमार, नुआजन, गजेंद्र, सबडीविजन, राजिम, नितेश एवं देवेश सहित कुल सात लोग लाठी-डंडे लेकर पीड़ित के घर में जबरन घुस आए और उसे बाहर निकलकर जान से मारने तथा काटकर फेंक देने की धमकी देने लगे। भय के कारण पीड़ित और उसका परिवार घर के अंदर बंद होकर बैठा रहा। गांव के कुछ लोगों ने उन्हें समझाने का प्रयास भी किया।
पीड़ित का कहना है कि यदि दरवाजा बंद नहीं किया जाता, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। घटना के बाद आरोपियों द्वारा उल्टा झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया गया। वहीं जब पीड़ित और उसके पिता ने थाना सांकरा में रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की, तो पुलिस ने न तो रिपोर्ट लिखी और न ही आवेदन की पावती दी। अब पीड़ित युवक ने पुलिस अधीक्षक महासमुंद से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित और उसका परिवार अभी भी दहशत में बताया जा रहा है।


