महासमुंद। ब्लेलॉक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 10वीं के छात्र भावेश यादव की आत्महत्या से जुड़े मामले में अब विद्यालय प्रबंधन की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। विद्यालय के प्राचार्य कुमुद ठाकुर ने भावेश के परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट और अपमान के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।
प्राचार्य कुमुद ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि भावेश द्वारा आत्महत्या किए जाने के पीछे स्कूल में डांट-फटकार या किसी भी प्रकार की शारीरिक मारपीट का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि भावेश का एक छात्रा के साथ प्रेम प्रसंग था, जिसको लेकर वह पूर्व में कुछ अन्य छात्रों के साथ मारपीट की घटना में शामिल रहा था। इसी संदर्भ में उसे समझाइश दी गई थी, न कि कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई।
प्राचार्य के अनुसार, भावेश पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर भी मानसिक रूप से परेशान था। इस विषय पर उन्होंने स्वयं भावेश की मां से बातचीत की थी। घटना के दिन भावेश स्कूल नियमित रूप से उपस्थित हुआ था और विद्यालय में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियों में भी शामिल था। स्कूल में उस दिन किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
प्राचार्य ने यह भी कहा कि स्कूल से निकलने के बाद रास्ते में भावेश के साथ क्या हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जहर सेवन की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने भावेश के घर फोन कर उसके बड़े भाई से बातचीत की थी और भावेश का ध्यान रखने की बात कही थी। उल्लेखनीय है कि भावेश का बड़ा भाई भी इसी विद्यालय से 10वीं तक की पढ़ाई कर चुका है।
इधर, भावेश यादव की मौत को लेकर परिजनों में गहरा दुख और आक्रोश बना हुआ है। उनका आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन की भूमिका संदिग्ध रही है। मामले में सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। होनहार छात्र की असमय मौत ने एक बार फिर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, स्कूल और परिवार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


